पहले जेव ने 7 डॉलर में उस फूड आउटलेट की यूनिफार्म खरीदी, फिर उसे पहन एक स्कूल के बैकग्राउंड में बर्गर और फ्रैंचफ्राइज के साथ तस्वीर खिचवाई, इसके बाद...
नई दिल्ली। कुछ फूड आउटलेट ऐसे जिन्हें विदेशियों ने ज़रूर बनाया लेकिन वो दुनिया के हर कोने में मौजूद हैं और अच्छा बिज़नेस कर रहे हैं। ये फूड आउटलेट लोगों के जीवन का एक अहम हिस्सा बन गए हैं, ऐसा कोई हफ्ता नहीं होता जब लोग अपने दोस्तों और अपने परिवार के साथ यहां आकर न बैठें। अब जब ऐसे फूड आउटलेट न नाम पूरी दुनिया में मशहूर हो चुका है और किसी भी रंग, रूप, धर्म के लोग यहां आकर खाना कहते हैं तो ऐसे में वहां लगे पोस्टरों में केवल अमरीकी लोग ही क्यों दिखते हैं? यही सवाल उठा एक शख्स के मन में। जानकारी के लिए बता दें कि टेक्सास के होस्टन में रहने वाले यूट्यूबर जेव माराविला ने एक फूड ऑउटलेट में जाकर गौर किया कि दिवार पर लगे सभी पोस्टर अमेरिकी लोगों के हैं। खाना वो यहां सभी तरह के लोग खाते हैं तो सिर्फ वो ही क्यों इस पोस्टर में हैं।
उस फूड आउटलेट में लगे पोस्टरों को देख, जेव को लगा कि मीडिया में वैश्विक स्तर पर एशियाई लोगों को बहुत कम दिखाया जाता है। इसके बाद जेव ने एक फैसला किया। फैसला यह था कि उस फूड आउटलेट का बर्गर खाते हुए वह अपनी और अपने दोस्त क्रिस्टेन की एक फोटो आउटलेट की खाली दीवार पर लगाएगा। बस फिर क्या था उन्होंने ऐसा करने के लिए कदम उठया और फिर रास्ता खुद ब खुद बनता चला गया। पहले जेव ने 7 डॉलर में उस फूड आउटलेट की यूनिफार्म खरीदी, फिर उसे पहन एक स्कूल के बैकग्राउंड में बर्गर और फ्रैंचफ्राइज के साथ तस्वीर खिचवाई, इसके बाद फोटोशॉप कर उसे बेहतरीन तरीके से एडिट कर के उसे उस फूड स्टोर के लायक बनाया। सबसे मज़ेदार बात तो यह है कि, पोस्टर बनाने के बाद दोनों दोस्त स्टोर पर गए और लोगों की नज़रों में बिना आए वहां उन्होंने अपनी ही फोटो लगा दी। आपको जानकर हैरानी होगी कि, इस शरारत को किए उन्हें 50 दिन बीत चुके हैं और पोस्टर अब भी वहीं है। इसके बाद जीव ने यह बात सोशल मीडिया पर शेयर की जिसके बाद लोगों ने उनकी खूब तारीफ की और उस फूड आउटलेट से इन दोनों के फोटो के राइट्स खरीदने की मांग की है।