कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के खिलाफ भारत की जंग जारी है। कोरोना ( COVID-19 ) के संकट के अंधकार को चुनौती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने लोगों से अपील की है, 5 अप्रैल रात 9 बजे घर की सभी लाइटें बंद कर घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े होकर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। 130 करोड़ देशवासी प्रकाश की ताकत का परिचय देंगे। इसी बीच सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह के मैसेज वायरल हो रहे है।
नई दिल्ली।
कोरोना वायरस ( coronavirus ) के खिलाफ भारत की जंग जारी है। कोरोना ( COVID-19 ) के संकट के अंधकार को चुनौती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने लोगों से अपील की है, 5 अप्रैल रात 9 बजे घर की सभी लाइटें बंद कर घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े होकर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। 130 करोड़ देशवासी प्रकाश की ताकत का परिचय देंगे। इसी बीच सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह के मैसेज वायरल हो रहे है।
क्या 130 मोमबत्ती जलाने से मरेगा कोरोना वायरस ? ( Coronavirus Rumors )
सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें लिखा है, नासा के शोध के अनुसार, कोरोना वायरस गर्म तापमान में जीवित नहीं रह सकता। इसके साथ यह भी लिखा है, एक आईआईटी प्रोफेसर के अनुसार यदि एक साथ 130 मोमबत्तियाँ जलाई जाती हैं, तो तापमान में 9 डिग्री की वृद्धि होगी। इससे 5 अप्रैल यानी रविवार को रात 9.09 बजे कोरोनो वायरस ( Coronavirus ) की मृत्यु हो जाएगी।
क्या है सच्चाई
प्रेस इंफ़ॉर्मेशन ब्यूरो ( PIB ) ने अपने फैक्ट चेक ट्विटर हैंडल पर इसे फर्जी करार दिया है और लोगों को ऐसी अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने लिखा, यह पहल कोरोना के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में देश में एकजुटता और आत्मविश्वास दिखाने के लिए है। वायरल मैसेज में नासा के शोध का भी जिक्र है लेकिन, ऐसा कोई भी शोध नासा ने नहीं किया है। इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है, कोविड -19 किसी भी मौसम में फैल सकता है। ठंडे और गर्म मौसम में भी इसका प्रकोप देखा जा सकता है। अभी तक इसकी कोई वैक्सीन नहीं बनी है।