एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में दयाशंकर ने कवि आजाद से जुड़ी कई दिलचस्प बातों का खुलासा किया। उन्होंने यह भी बताया कि 46 साल की उम्र में भी कवि ने इस वजह से शादी नहीं की।
नई दिल्ली। सब टीवी पर आने वाले मशहूर शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' काफी लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन करता आ रहा है। इस शो में डॉ. हंसराज हाथी के किरदार को लोग काफी पसंद करते थे। इस किरदार को कवि कुमार आजाद निभाते थे। 9 जुलाई को इस शो को देखने वाले हर उस शख्स को तगड़ा झटका लगा जब उन्हें इस बात की खबर लगी कि उनके पसंदीदा अभिनेता अब इस दुनिया में नहीं रहे। जी हां, लोगों के होश उस वक्त उड़ गए जब उन्हें पता चला कि उनके फेवरेट स्टार कवि कुमार आजाद का हार्ट अटैक से निधन हो गया।
हाल ही में एक वेबसाइट को दिए अपने इंटरव्यू में दयाशंकर ने कवि आजाद से जुड़ी कई दिलचस्प बातों का खुलासा किया। उन्होंने यह भी बताया कि 46 साल की उम्र में भी कवि सिंगल थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी शादी नहीं की। इसके पीछे की वजह के बारे में भी दयाशंकर ने बताया।
उनके अनुसार, कवि कुमार आजाद काफी खुशमिजाज इंसान थे। वह सेट पर भी हमेशा हंसी-मजाक करते रहते थे। दयाशंकर ने आगे बताया कि,कवि को अपने परिवार की काफी फिक्र थी।उन्हें लेकर वह हमेशा चिंतित रहते थे।कवि अपने माता-पिता और भईया-भाभी के काफी करीब थे और उन्हीं के लिए जीते थे। शायद यही वजह है कि उन्होंने जिंदगी में शादी न करने का फैसला किया।
इसी शो के प्रोड्यूसर असित मोदी का कवि कुमार आजाद के बारे में कहना है कि हमें कवि कुमार के जाने का बहुत दुख है, हालांकि शो में इस किरदार को आगे खत्म नहीं किया जाएगा।शो में इस किरदार के लिए दूसरे रिप्लेसमेंट की तलाश चल रही है।
आज से 8 साल पहले यानि कि साल 2010 में डॉ. हाथी की बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाले डॉ. मुफी लाकडवाला ने बताया कि, उस समय कवि कुमार का वजन 265 किलो था।
उन्हें 10 दिन तक वेंटीलेटर पर रखना पड़ा क्योंकि उनके लिए बिना इसके सांस लेना भी मुश्किल था। बैरिएट्रिक सर्जरी के बाद उनका वजन 140 किलो तक हो गया था।
दूसरी सर्जरी से उनका वजन 90 किलो तक कम हो जाता लेकिन कवि इसके लिए राजी नहीं हुए। ऐसा उन्होंने इसलिए किया क्योंकि उन्हें लगता था कि इससे भविष्य में वह बेरोजगार हो जाएंगे।
कवि कुमार आजाद एक बहुत ही भले इंसान थे। वह हमेशा दूसरों की मदद करने को तत्पर रहते थे। उनके जाने से सेट के साथ-साथ दर्शकों के दिलों में भी सन्नाटा छा गया।