यह चौंका देने वाली घटना आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के जंगारेद्दीगुदम शहर में सोमवार को सामने आई है।
नई दिल्ली। 41 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इसके बाद मृत महिला की मां औ भाई ने उसके शव को तीनों दिनों तक अपने अपार्टमेंट में छिपाकर रखा। उन्हें आशा थी कि भगवान उसे फिर से जिंदा कर देंगे। पुलिस ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। यह चौंका देने वाली घटना आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के जंगारेद्दीगुदम शहर में सोमवार को सामने आई है। पुलिस को मृतक की मां और भाई, दोनों के मानसिक रूप से बीमार होने का संदेह है।
पुलिस के मुताबिक, 41 वर्षीय टी. अरुणा ज्योति की मौत संदिग्ध हालात में अपार्टमेंट परिसर के अंदर हुई थी। उसकी मां व भाई ने शव को फ्लैट में छिपा कर रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि वह फिर से जिंदा हो जाएगी। अपार्टमेंट के अन्य लोगों ने फ्लैट से बदबू आने के बाद पुलिस से शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
अरुणा की 70 वर्षीय मां मंजुला देवी और 39 वर्षीय भाई टी.रविचंद्रन ने अपने दैनिक कार्यो को करना जारी रखा था। पुलिस के एक अधिकारी ने खुलासा किया कि जब पुलिस की टीम फ्लैट में घुसी तो रविचंद्रन शव के पास बैठकर खाना खा रहा था। उसने पुलिस को बताया कि उसकी बहन सोई हुई है। जब पुलिस ने उसे बताया कि उसकी बहन मर चुकी है तो उसने और उसकी मां ने कहा कि अगर भगवान उसकी जिंदगी ले सकते हैं तो वह वापस दे भी सकते हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को जबरन सरकारी अस्पताल पहुंचाया और महिला के अंतिम संस्कार का भी प्रबंध किया।
इससे पहले दिल्ली से भी ऐसी ही एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई थी जहां एक बेटा अपने पिता की लाश के साथ तीन दिन तक लिपटा रहा और उसे ये अहसास तक नहीं हुआ कि उसके पिता दुनियां छोड़ चुके है। युवक सोचता रहा कि उसके पिता सो रहे है इसलिए उसने उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया।