घटना आगरा के सिकंदरा थानां इलाके की है। यहां एक शू फैक्ट्री में काम करने वाले एक युवक ने फैक्ट्री में ही फांसी लगा ली।
नई दिल्ली: एक कर्मचारी पूरे महीने इस लगन से आॅफिस में काम करता है कि उसकी सैलरी बढ़ जाए, लेकिन जब अचानक महीने के अंत में उसे सैलरी की बजाए चिल्लर थमा दिए जाएं तो कैसा होगा? जी हां, उत्तर प्रदेश के आगरा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां महीने भर काम करने के बाद एक कर्मचारी को उसके बॉस ने सैलरी के रूप में महज छह रुपए ही दिए। इसके बाद कर्मचारी ने जो किया वह आपको हैरान कर देगा।
फैक्ट्री में ही लगा ली फांसी, फिर...
घटना आगरा के सिकंदरा थानां इलाके की है। यहां एक शू फैक्ट्री में काम करने वाले एक युवक ने फैक्ट्री में ही फांसी लगा ली। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और उसकी जिंदगी बचा ली। एसएचओ अजय कौशल के मुताबिक, युवक फैक्ट्री में कई सालों से काम कर रहा था। वह कई दिनों से डिप्रेशन में था। 27 जुलाई को उसका ऐक्सिडेंट हुआ था। उसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उसके इलाज का खर्च फैक्ट्री मालिक की ओर से भरा गया। जब युवक ठीक हो गया तो वह वापस फैक्ट्री में काम पर लौटा। जब उसने अपना सैलरी मांगी तो उसे फैक्ट्री मालिक ने महज 6 रुपए ही थमा दिए।
बार-बार रिक्वेस्ट के बाद भी नहीं माना मालिक
इसके बाद युवक ने अपने मालिक से कहा कि जो भी पैसा इलाज में खर्च किया गया है वह किश्तों में काट लें, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद भी युवक कई बार रिक्वेस्ट करता रहा, लेकिन फैक्ट्री मालिक कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। इस बात से युवक बहुत निराश हो गया, क्योंकि उसे अपने घर का खर्च भी चलाना था, जो नहीं चल पाता। इसके बाद वह फैक्ट्री पहुंचा और पंखे से फांसी का फंदा बनाकर लटक गया। गनीमत रही कि फैक्ट्री में काम करने वाले दूसरे कर्मचारियों की नजर उसपर पड़ गई और तुरंत उसे उतारकर अस्तपाल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि युवक की हालत फिलहाल स्थिर है।