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चमगादड़ से Coronavirus इंसान में कैसे पहुंचा? इस गुत्थी को सुलझाने में जुटे वैज्ञानिक

कोरोना वायरस ( Coronavirus ) चमगादड़ ( Bats ) से इंसान के शरीर में कैसे पहुंचा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) में यूरोपीय यूनियन के प्रस्ताव पर कई देश यह पता लगाने की मांग कर चुके हैं।

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Coronavirus

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) ने पूरी दुनिया में भयंकर तबाही मचा रखी है। हर किसी के लिए जी का जंजाल बन चुके कोरोना के बारे में कई ऐसी अनसुलझी गुत्थियां है जिसे सुलझाने के लिए खूब मशक्कत की जा रही है। ऐसी ही एक पहेली है कि आखिर ये वायरस आया कहां से है।

इस बारे में अभी तक तो कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार सबसे पहले संदेह पेंगोलिन ( Pangolin ) पर किया गया क्योंकि पंगोलिन ही एकमात्र ऐसा स्तनधारी जीव है जिसमें कोरोना वायरस पाया गया। लेकिन कोविड-19 चमगादड़ से पेंगोलिन के जरिये इंसान में आया है, यह अभी साबित नहीं हो पाया है।

इसके बाद वैज्ञानिकों ( Scientists ) ने अन्य जानवरों पर भी इस नजरिए से जांच- पड़ताल की। आखिर कोरोना वायरस चमगादड़ से इंसान में कैसे पहुंचा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) में यूरोपीय यूनियन के प्रस्ताव पर कई देश यह पता लगाने की मांग कर चुके हैं।

फिलहाल कंप्यूटर मॉडलिंग ( Computer Modeling ) के जरिये उस तीसरे प्राणी की तलाश की जा रही है जो चमगादड़ और इंसान के बीच की कड़ी था लेकिन अभी तक इसमें कुछ ज्यादा सफलता हाथ नहीं लगी है। नेचर में प्रकाशित शोध रिपोर्ट में कहा है कि पेंगोलिन्स से लेकर एक दर्जन से ज्यादा जानवरों को संदेह के दायरे में रख जांच हो चुकी है।

इसके बावजूद भी ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। इनमें बिल्ली, फ्रूट बैट, फेरेट्स आदि जीव शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में जब वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ( Wuhan Institute of Virology ) ने कोरोना के जीनोम तैयार कर सार्वजनिक किया तो उसकी 96 फीसदी मैचिंग हार्सशू बैट से हुई।

जिसके आधार पर ये बात कही गई कि कोरोना वायरस ( Coronavirus ) चमगादड़ ( Bats ) से उत्पन्न हुआ वायरस ( Virus ) है। यदि यह सीधे इंसान ( Human ) में गया तो जीनोम में चार फीसदी का अंतर नहीं हो सकता। ऐसे में इस पर गहन अध्ययन की जरूरत है।

स्रोत को खोजना जरूरी

मैक मास्टर यूनिवर्सिटी ( McMaster University ) हेमिल्टन के शोधकर्ता अरिंजय बनर्जी कहते हैं कि यदि यह वायरस पशुओं से इंसान में पहुंचा है तो ऐसे में उस जानवर का पता लगाना जरूरी है। जिससे की ये लोगों में फैला है, वरना इसकी उत्पत्ति को लेकर संदेह कायम रहेंगे।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें सफल नहीं होने परलैब थ्योरी ( Lab Theory ) को और ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। यूनिवर्सिटी कालेज लंदन के कंप्यूटेशन बायोलाजिस्ट फ्रेंकोसिस बालौक्स एवं उनकी टीम उन सभी जानवरों के जीनोम डाटाबेस की जांच में जुटी है जो कि इससे मेल खाते हैं।

Published on:
21 May 2020 07:37 am
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