कोरोनावायरस (Coronavirus) लगभग 80 देशों में पहुंच चुका है कोरोनावायरस (Coronavirus) ने 5000 से अधिक लोगों की जान ली है
नई दिल्ली। चीन से शुरू हुआ कोरोनावायरस (Coronavirus) लगभग 80 देशों में पहुंच चुका है। इस वायरस ने करीब 2 लाख लोगों को अपनी चपेट में ले रखा है। वहीं 5000 से अधिक लोगों ने कोरोना के चलते जान गवाई है। लेकिन इन से बीच एक खबर है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, कोरोना ने यूरोप अमेरिका समेत एशिया में अपनी कहर बरपा रहा है लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां इस वायरस का प्रकोप बहुत कम या ना के बराबर है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि ये देश चीन के सबसे करीबी हैं। इन देशों में सिंगापुर, ताइवान और हॉन्गकॉन्ग (Singapore, Taiwan and Hong Kong) प्रमुख हैं। ये देश चीन (China) के बिल्कुल करीब स्थित हैं, लेकिन इन्होंने कोरोना को काबू में कर लिया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक ताइवान (Taiwan) में 53 कोरोना संक्रमण के मामले पॉजिटिव मिले हैं और सिर्फ एक की मौत हुई है। वहीं सिंगापुर (Singapore) में कोरोना के 200 मामले आए सामने आए थे लेकिन यहां एक भी मौत नहीं हुई। चीन के पड़ोसी हॉन्ग कॉन्ग (Hong Kong) में कोरोना के 140 मामले सामने आए हैं, इनमें 4 की मौत हो चुकी है। ये आकंड़े बताते हैं कि इन देशों ने कोरोना से निपटने के लिए बहुत ही बढ़िया काम किया है। जबकी ये चीन के सबसे करीबी देश हैं ।
कैसे लगाया कोरोना पर लगाम?
ऐसा नहीं है कि इन देशों ने सालों पहले ही कोरोना से निपटने के लिए इंतजाम कर रखा था। लेकिन कोरोना का मामले सामने आते ही यहां कि सरकारों ने काम करना शुरू कर दिया। सिंगापुर ने तो वुहान से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी । कोरोना की खबर मिलते ही सिंगापुर ने बीमार लोगों को आइसोलेट करना शुरू कर दिया। संदिग्ध और बीमार लोगों को तलाश उनको इलाज के लिए भेज दिया।
ताइवान ने चीन से आने वाले सभी यात्रियों की अच्छी तरह स्क्रीनिंग की थोड़ा भी शक होता तो वहीं से वापस कर दिया । इतना ही नहीं कोरोना का प्रकोप बढ़ने के बाद ताइवान ने भी वुहान से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स पर लगाम लगा दी, साथ ही संदिग्ध लोगों को उनके घरों में ही रहने की सलाह दी। जो ऐसा नहीं करता उसपर 25 लाख का जुर्माना भी लगा दिया।
वहीं हॉन्गकॉन्ग ने कोरोना का पहला केस मिलने के बाद ही चीन से आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी। सरकार ने सभी क्लीनिक्स को निर्देश दिए थे कि अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना संदिग्ध लगे तो उसकी सूचना सरकार को फौरन दी जाए। इन सब के बाद भी जब देश में कोरोना का पहला मामला सामने आया तो हॉन्गकॉन्ग सरकार ने चीन के साथ बॉर्डर को 15 दिन के लिए बंद कर दिया । कोरोना के सभी संदिग्ध लोगों पर कड़ी निगरानी की और उनका इलाज करवाया।