भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत सन 1923 में हुई पहली बार लेबर डे को हिंदुस्तान की लेबर किसान पार्टी ने आयोजित किया था
नई दिल्ली। आज के दिन यानी 1 मई को International Labour Day यानी अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। सन 1886 में दुनयाभर के मजदूरों ने हड़ताल कर अपने हक़ की मांग की थी। लगभग 80 देशों में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता था। लेकिन तब तक भारत समेत कुछ ऐसे देश थे जो 1 मई को मजूर दिवस नहीं मनाते थे। बता दें कि भारत में इसकी शुरुआत सन 1923 में हुई थी। इस दिन उन मज़दूर यूनियनों ने हड़ताल की थी जिनकी मांग थी कि वे 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे।
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आज यानी 1 मई का दिन मजदूरों के लिए छुट्टी का दिन होता है। लेबर डे के मौके पर दुनिया के 80 से अधिक देशों में छुट्टी होती है। इस दिन के लिए ही दुनिया के हर मजदूर ने एकता दिखाई और तब तक नहीं झुके जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो गईं। Labour Day मजदूरों के सम्मान, उनकी एकता और उनके हक के समर्थन में मनाया जाता है। पहली बार लेबर डे को हिंदुस्तान की लेबर किसान पार्टी ने आयोजित किया था। इस दौरान लाल झंडे का इस्तेमाल किया गया था जो मजदूर वर्ग को प्रदर्शित करता है 1 मई 1923 को मद्रास में इसकी शुरुआत की गई थी।