मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में स्थित है ये मंदिर। इसी की तर्ज पर बनाया गया है संसद भवन। नेताओं को नहीं है इसकी सुध लेने की फुर्सत।
नई दिल्ली: हर छोटे-बड़े नेता का सपना होता है कि वो संसद ( parliament ) तक पहुंचे क्योंकि इसे राजनीति का मंदिर कहा जाता है। लेकिन क्या आप ये बात जानते हैं कि संसद भवन का निर्माण एक मंदिर की तर्ज पर किया गया है। संसद भवन देखने में हूबहू इसी मंदिर की तरह है लेकिन आज यह मंदिर गुमनाम हो गया है और किसी भी सरकार या नेता को इसकी सुध लेने की फुर्सत नहीं है।
जिस मंदिर की हम बात कर रहे हैं वो मध्यप्रदेश ( madhya pradesh ) के मुरैना जिले में स्थित है जिसका नाम चौसठ योगिनी मंदिर है। इसी मंदिर की तर्ज पर संसद भवन का निर्माण किया गया है। आपको बता दें कि इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको टूटे-फूटे रास्तों का सहारा लेना पड़ता है और आपकी हालत खराब हो जाता है। यह इस मंदिर का ठीक ढंग से रख-रखाव नहीं किया जाता है। इस मंदिर को ऐतिहासिक स्मारक घोषित जा चुका है इसके बावजूद भी देश के किसी नेता या सरकार ने इसकी सुध नहीं ली।
आपको बता दें कि जब मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार थी तब भी इस मंदिर को अनदेखा किया गया था और अब कमलनाथ सरकार में भी ये मंदिर अनदेखी का शिकार हो रहा है और इसकी हालत खराब होती जा रही है। बता दें कि इस मंदिर का निर्माण क्षत्रिय राजाओं ने 1323 ई. में कराया था। इस मंदिर का निर्माण वृत्तीय क्षेत्र में किया गया है और इसमें 64 कमरे हैं। इस मंदिर के हर कमरे में एक शिवलिंग स्थापित है साथ ही इसके बीच वाली जगह पर एक बड़ा शिवलिंग स्थित है। यह मंदिर 101 खंभो पर टिका है।