जेलों के लिए बनाया गया है जेल मैनुअल जेल प्रशासन इसके हिसाब से ही करता है काम
नई दिल्ली: पटियाला हाउस कोर्ट ( Patiala House Court ) ने मंगलवार को निर्भया के चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर दिया। इसके बाद चारों दोषी मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता को फांसी देने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने फांसी के लिए 22 जनवरी सुबह 7 बजे का समय जारी किया है। इसके बाद अब जेल मेनुअल ( Jail Manual ) के हिसाब से आगे की प्रक्रिया होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं ये जेल मेनुअल क्या है। चलिए बताते हैं आपको।
दरअसल, जेल में कैदियों के लिए जेल मैनुअल होता है। इसमें कैदियों के लिए सुविधाएं, जेल में प्रवेश, प्रवेश के समय वर्जित चीजें, परिहार व पैरोल, कैदी के मुलाकात की व्यवस्था, कैदियों को कपड़े, कैदियों के लिए चिकित्सा सुविधा, कैदियों के लिए कल्याण कार्यक्रम, मनोरंजन एवं ज्ञानार्जन की सुविधा, प्रत्येक कारगार में पुस्तकालय की व्यवस्था, शिक्षा की व्यवस्था, कैदियों के मानवाधिकारों का संरक्षण, कैदियों द्वारा अर्जित पारिश्रामिक का बैंक खातों में रख-रखाव, कैदियों के लिए रोजगारपरक व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था, महिला कैदियों के लिए सुविधाएं, शिकायत/पिटीशन बॉक्स की स्थापना, जन संपर्क हेतु अधिकृत अधिकारी एवं उनके संपर्क दूरभाष नंबर आदि चीजें शामिल होती हैं।
वहीं फांसी देने की प्रक्रिया भी जेल मैनुअल के हिसाब से ही होती है। इसमें सब कुछ दिशा-निर्देश दिए होते हैं। हालांकि, हर राज्य का अपना अलग जेल मैनुअल होता है। वहीं निर्भया के चारों दोषियों के खिलाफ पटियाला कोर्ट के डेथ वारंट जारी होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया भी जेल मैनुअल के हिसाब से होगी। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि जेल मैनुअल कितना जरूरी होता है।