बेटी सिमरजीत के अलावा कमलजीत सिंह का एक बेटा मनप्रीत भी है।
नई दिल्ली। इराक के मोसुल से भारत आए 38 भारतीयों के अवशेषों में एक पंजाब के होशियारपुर का भी है। यहां छावनी कलां गांव के कमलजीत सिंह को आईएसआईएस के आतंकियों ने बड़ी ही बेहरमी से मौत के घाट उतार दिया था। अब करीब 4 साल बाद मृत शरीर का अवशेष घर आया तो पूरे गांव के लोग एक जगह इकट्ठा होकर परिवार का हौंसला बढ़ाने पहुंच गए। लेकिन इसके साथ ही कमलजीत सिंह के घर पर ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा फट गया।
दरअसल अपने पति के ताबूत से लिपट कर रो रही हरविंदर कौर की हालत जब बेटी से नहीं देखी गई तो वह खुद अपनी मां को चुप कराने लगी। कमलजीत सिंह की बेटी अभी बहुत छोटी है। बेटी द्वारा मां को दिलासा देता देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भर आईं। बेटी सिमरजीत के अलावा कमलजीत सिंह का एक बेटा मनप्रीत भी है। परविंदर कमलजीत के भाई हैं जो दुबई से लौटकर अपने भाई के अवशेषों को अग्नि दी तो वहीं मनप्रीत ने पापा की बॉडी के अवशेषों को मुखाग्नि दी। बेटे कमलजीत के अवशेषों को ताबूत में रखा देख मां संतोष कौर का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
कमलजीत का पूरा परिवार अभी काफी कष्टों को झेल रहा है। परिवार के सभी सदस्यों को रो-रो कर बुरा हाल हो रखा है। कमलजीत का नन्हा बेटा और बेटी अपने पिता के ताबूत से दूर होने का नाम भी नहीं ले रहे थे। काफी कोशिश करने के बाद दोनों बच्चों को पिता के ताबूत से दूर हटाया गया।