मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 32 साल का एक शख्स साही के शिकार करने के चक्कर में अपनी जान से हाथ धो बैठा।
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 32 साल का एक शख्स साही के शिकार करने के चक्कर में अपनी जान से हाथ धो बैठा। वह ऐसे बिल में चला गया, जहां से करीब चार घंटे तक रेस्क्यू आॅपरेशन के बाद उसकी लाश बाहर निकली।
साही का शिकार करने बिल में घुस गया शख्स
घटना नरसिंहपुर जिले चावरपथा गांव की है। यहां रहने वाला 32 साल का बसंत केवट साही का शिकार करने के लिए उसके बिल में घुस गया था। वह धीरे—धीरे 30 फीट की गहराई में चला गया। बिल में पलटने तक की जगह नहीं थी। अगर कोई बिल के अंदर जाता है तो वहां इतनी जगह नहीं होती है कि वह शख्स करवट भी ले सके। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने युवक को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया। करीब चार घंटे रेस्क्यू आॅपरेशन के बाद युवक को बाहर निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रेस्क्यू टीम ने बताया कि गड्ढा खोदने के लिए एक्स्कवेटर का इस्तेमाल किया गया। 20 फीट तक बिल खोदने के बाद दिखा कि शख्स अंदर फंसा हुआ है। इसके बाद हाथ से गड्ढा खोदना शुरू किया। घायल को बाहर निकाल कर अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
साही का शिकार करते हैं स्थानीय लोग
बता दें, यहां के स्थानीय लोग साही का शिकार करते हैं। यह बिल भी साही का ही था। तेंदुलखेड़ा के तहसीलदार पंकज मिश्रा के मुताबिक, युवक बिल में काफी अंदर तक चला गया। अंदर जाने के बाद किसी इंसान का बिल से बाहर निकलना संभव नहीं है। बसंत बिल में इतना अंदर चला गया कि उसे वापस आने के लिए जगह नहीं मिली। वह अंदर ही फंसा रह गया आैर धीरे-धीरे उसका दम घुटता गया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आगे से लोग शिकार के चक्कर में एेसी लापरवाही न करें।