गौरी ने अपनी बेटी की मौत के दो दिन बाद ही ड्यूटी ( Duty ) ज्वाइन कर ली। ऐसे उन्होंने इसलिए किया क्योंकि उनकी कोरोना वायरस की वजह से स्पेशल ड्यूटी लगी हुई थी।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन ( Lockdown ) किया गया है। इस मुश्किल घड़ी में भी कई लोग ऐसी मिसाल कायम कर रहे हैं जो हम सभी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं।
इस बात से तो हम सभी अच्छे से वाकिफ है कि कोरोना वॉरियर्स ( Corona Warriors ) हर रोज लोगों की जान बचाने के लिए अपनी तरफ से हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया ओडिशा की एक महिला होमगार्ड ने, जिन्होंने अपनी बेटी की मौत के दो दिन बाद ही अपनी ड्यूट ज्वाइन कर ली।
महिला होमगार्ड ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनकी कोरोना वायरस को लेकर स्पेशल ड्यूटी लगी हुई थी। इस महिला का नाम गौरी बहरा है। उन्होंने बताया कि वो ड्यूटी पर ही थी, जब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी की तबीयत ठीक नहीं है, उनकी बेटी की उम्र 13 वर्ष थी और उसे कैंसर था।
गौरी ( Gauri ) को जैसे ही अपनी बेटी की खबर मिली वो ड्यूटी ( Duty ) से साइकिल ( Cycle ) लेकर घर ( House ) पहुंची। लेकिन जब वो घर पहुंची, तब तक उनकी बच्ची दुनिया को अलविदा कह चुकी थी। यह पल वाकई उनके लिए सबसे दुखदायी था।
होमगार्ड गौरी ने फिर अपनी बेटी का अंतिम संस्कार करवाया। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष से उनकी बेटी लीवर ( Liver ) के कैंसर से जंग लड़ रही थी। उनकी ड्यूटी लॉकडाउन जोन में थी। अपनी बेटी की मृत्यु के दो दिनों बाद ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली।
गौरी की हिम्मत को देख हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। यहां तक कि सीएमओ ऑफिस ओडिशा ने भी उनके इस फैसले की सराहना की। एसपी उमाशंकर दास ने भी उनके इस कदम को लेकर कहा, ‘इस दुख के समय में हम उनके साथ हैं, उन्होंने यह काम करके हम सभी के लिए एक मिसाल कायम की है।