हर लड़की जिंदगी में एक बार दुल्हन बनने का सपना देखती है। लड़की के लिए जिंदगी का यह पल काफी महत्वपूर्ण होता है। इसको यादगार बनाने के लिए लड़कियां अच्छे से सजती और संवरती हैं। पाकिस्तान में एक महिला ऐसी भी है जो हर हफ्ते दुल्हन बनती है।
हर इंसान शादी करने का सपना देखता है। यह उनके जीवन का एक महत्पूर्ण पल होता है। सभी कोई अपनी शादी को यादगार बनान चाहते है। हर लड़की को जीवन में एक बार दुल्हन बनने का मौका मिलता है। शादी के दिन लड़कियां अच्छे सजती और संवरती है। इस मौके पर उनके हाथों में मेंहदी रचती है और अपनी मन पसंद के गहने पहनती है। यह सभी शादी के दिन ही होता है। आज आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे है जो हर सप्ताह दुल्हन की तरह सजती है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि पिछले 16 साल से यह सिलसिला चलता आ रहा है। हर हफ्ते दुल्हन बनने वाली महिला अपने पड़ेसी मुल्क पाकिस्तान की रहने वाली है। आइए जानते है इस महिला के बारे में यह ऐसा क्यों कर रही है।
16 साल से चल रहा है सिलसिला
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहने वाली इस महिला का नाम हीरा जीशान है। जीशान बीते 16 साल से हर हफ्ते दुल्हन बनकर तैयार होती है। इस दिन वह अपने में हाथों में मेंहदी रचाती है। गहनों से लदी यह महिला नए जोड़े में सजकर तैयार होती है।
हर शुक्रवार को बनती है दुल्हन
वैसे तो सजने-संवरने हर लड़की का शौक होता है। हालांकि कुछ लड़कियां लाइट तो कुछ हैवी मेकअप में नजर आती है। लेकिन हीरा हफ्ते दुल्हन बनकर तैयारी होती है। 42 साल की हीरा जीशान हर हफ्ते शुक्रवार के दिन दुल्हन वाला पूरा साज-श्रृंगार करती हैं।
यह भी पढ़ें- इन 5 देशों में आज भी नहीं है एयरपोर्ट, जानिए कैसे करते है दूसरे मुल्क की यात्रा
सोशल मीडिया पर भी शेयर करती है फोटो
इस दिन हाथों और पैरों में मेहंदी लगाती हैं और शादी के गहने भी पहनती है। उन्होंने इस कुछ तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी शेयर करती है। इस फोटो में हीरा बहुत ही खूबसूरत नजर आती है।
यह भी पढ़ें- अनोखा केस: पुलिस ने भेड़ को किया गिरफ्तार, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा
क्यों बनती है दुल्हन
हीरा ने बताया कि 17 साल पहले उनकी मां बहुत ज्यादा बीमार हो गई थीं। इलाज के लिए उन्होंने अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उनकी मां अपनी बेटी की शादी करवाना चाहती थी। हीरा ने अस्पताल में ही शादी की और उनकी विदाई रिक्शे में हुई। शादी के मौके पर ना तो वह तैयार हो पाई ना ही उन्होंने कोई मेकअप किया था। उनकी मां की भी मौत हो गई। हीरा के छह बच्चे हुए उनमें से दो की मौत हो गई। इस गम को भुलान के लिए वह हर शुक्रवार को दुल्हन की तरह तैयार होती है।