
नई दिल्ली। हमने अब तक तैरते हुए सड़क, मार्केट, रेस्टोरेंट के बारे में सुना था लेकिन आज हम आपको फ्लोटिंग कंट्री यानि कि तैरते हुआ देश के बारे में बताने जा रहे हैं।
जी हां, ये दुनिया का पहला ऐसा देश होगा जो कि पृथ्वी की भूमि पर नहीं बल्कि पानी के ऊपर तैरता हुआ दिखाई देगा। बता दें कि इस नए, अनोखे और एकमात्र देश की रूपरेखा बनकर तैयार हो गई है।
साल 2022 तक ये देश बनकर तैयार हो जाएगा। इस देश का नाम पेपैल रखा गया है जो प्रशांत महासागर के तहेटी द्वीप के पास स्थित होगा। पेपैल के फाउंडर पीटर थाइल ने इस प्रोजेक्ट को अपना सपोर्ट दिया है।
पेपैल कंट्री को बनाने वाले परमोटरों का इसके बारे में कहना है कि ये प्रोजेक्ट प्रशान्त महासागर के तहेटी द्वीप के पास तैयार किया जाएगा। पीटर के अलावा कुछ और बड़े व्यवसायी और हमेशा से कुछ अलग करने की चाह रखने वाले लोग इस देश को बनाने में सरकार को अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस तैरने वाले देश में करीब 300 घर होंगे। इसके साथ ही इनमें कई होटल्स,रेस्टारेंट्स और कुछ कमर्शियल बिल्डिंग्स भी बनाए जाएंगे।
पोलीनेशिया की सरकार के साथ ये फ्लोटिंग आइलैंड प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस संदर्भ में आपको बता दें कि पोलीनेशिया ओशिआनिया का एक उपक्षेत्र है, जिसके अन्तर्गत मध्य और दक्षिणी प्रशांत महासागर में फैले हुए लगभग 1000 द्वीपों का एक बड़ा समूह आता है। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में 50 मिलियन डॉलर यानी कि लगभग 3 अरब रूपये की लागत आएगी। ये प्रारंभिक खर्चा है। बाद में इसे विकसित करने में और भी ज्यादा रूपयों का खर्च आएगा।
पेपैल कंट्री की दूसरी सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां करेंसी के रूप में वेरॉन क्रप्टिो करेंसी चलाने की योजना है। इसके साथ ही यहां एक अलग सरकार होगी, जो अपने देश के कानून का निर्माण खुद करेगी।
भविष्य में इस देश के निवासियों को यहां के कानून का पालन करना होगा। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पेपैल में उन रिफ्युजिओं को घर देने की योजना भी है जो क्लाइमेट चेंज की वजह से आने वाले सालों में बेघर हो जाएंगे।
इसके साथ ही ये प्रोजेक्ट पोलीनेशिया की द्वीपों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के कुछ द्वीप सी-लेवल बढ़ने के कारण डूब जाएंगे।
अंत में बता दें कि पीटर थाइल के अलावा नोबल पुरस्कार विजेता मिल्टन फ्रीइमैनड के पोते पाट्री फ्राइडमैन द्वारा शुरू किए गए नॉनप्रॉफटि सीस्टिडिंग इंस्टिट्यूट और ब्लू फ्रंटयिर्स के सहयोग से इसे तैयार किया जा रहा है। वाकई में एक बार तैयार हो जाने के बाद ये अपने आप में बहुत ही अनोखा देश होगा।