यूपी एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस की मदद से ब्रह्मोस मिसाइल प्रॉजेक्ट की जासूसी के शक में नागपुर यूनिट में तैनात सीनियर सिस्टम इंजिनियर निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।
नई दिल्ली: यूपी एटीएस ने महाराष्ट्र एटीएस की मदद से ब्रह्मोस मिसाइल प्रॉजेक्ट की जासूसी के शक में नागपुर यूनिट में तैनात सीनियर सिस्टम इंजिनियर निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। निशांत नागपुर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में 4 साल से काम कर रहे थे। हाल ही में उन्हें यंग साइंटिस्ट का अवॉर्ड मिला था। 20 सितंबर को उन्होंने इसकी एक फोटो भी फेसबुक पर शेयर की थी। निशांत की गिरफ्तारी के बाद से इस फोटो पर कमेंट की बाढ़ आ गई है। लोग उनकी फोटो पर कमेंट कर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
निशांत ने अपनी इस फोटो के कैप्शन में लिखा था, ''जब ब्रह्मोस ने 20 सुपरसोनिक साल पूरे किए हैं, तो मैं सचिव रक्षा आर और डी और चेयरमैन डीआरडीओ के हाथों से 'युवा वैज्ञानिक पुरस्कार' के साथ धन्य हो गया, महामहिम रूसी राजदूत भारत और ब्रह्मोस सीईओ और एमडी।''
इस फोटो पर एक हजार से ज्यादा कमेंट, इतने ही रिएक्शन और 100 से अधिक शेयर हो चुके हैं। इन कमेंट्स में उनकी तारीफ से कहीं ज्यादा उनके खिलाफ शब्द इस्तेमाल किए गए हैं। लोग उन्हें 'गद्दार', 'देशद्रोही' कहकर बुला रहे हैं।
एक शख्स ने कमेंट किया है, ''ऐसे गद्दारों को सीधे गोली मार देनी चाहिए। ताकि कोई ओर ऐसा गदारी न करे। वहीं, एक दूसरे शख्स ने लिखा, ''जिसका पैसा ही भगवान है वो तो अपनी मां को बेच दे, ठीक उसी तरह भारत मां को अपने इस कपूत से गद्दारी की दाग लगा गया।
बता दें, निशांत के घर से ब्रह्मोस से जुड़े कई ऐसे गोपनीय दस्तावेज मिले हैं, जो उसके कार्यक्षेत्र से जुड़े नहीं थे। आशंका है कि उसने अमेरिका और पाकिस्तान की एजेंसी सीआईए और आईएसआई से कई अहम सूचनाएं साझा की हैं। पाकिस्तान से जुड़ी दो महिलाओं की फेसबुक आईडी से निशांत दो साल से ज्यादा समय से संपर्क में था। उनमें से एक ने उसे जॉब का आफर देकर अपने साथ जोड़ा। इन दोनों ही आईडी में महिलाओं की फोटो लगी हुई है। यह पड़ताल की जा रही है कि इन दो आईडी से निशांत के अलावा और कौन-कौन और भारतीय फेसबुक आईडी जुड़ी हुई हैं।