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नेशनल स्टैटिसटिक्स का दावा, 65 साल से कम उम्र के लोगों को कोरोना से मौत का 34 गुना कम खतरा

एक नई रिसर्च ( Research ) में दावा किया गया कि कोरोना ( Corona ) से मरने वाले ज्यादातर लोग 65 साल से ऊपर की उम्र वाले ही हैं।

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National Statistics Research

नई दिल्ली। ब्रिटेन ( Britain ) में कोरोना वायरस ( coronavirus ) से होने वाली मौत में उम्र के फैक्टर पर एक रिसर्च ( Research ) से ये तथ्य उजागर हुआ है कि यहां 65 साल से कम उम्र वालों में कोरोना ( Corona ) से मौत का 34 गुना कम खतरा पाया गया है।

ब्रिटेन की नेशनल स्टैटिसटिक्स ने अपनी रिसर्च ( Research ) में दावा किया है कि कोरोना से मरने वाले ज्यादातर लोग 65 साल से ऊपर की उम्र वाले ही हैं। इस उम्र के लोगों की कुल 30,978 मौतें दर्ज हुई हैं। वहीं यूके ( UK ) में अब तक कोरोना वायरस की चपेट में आकर 33 हजार लोगों की जान गई है।

हालांकि एक बात ये भी कही जा रही है कि असल में मौत के वास्तविक आंकड़े ( Actual Data ) इससे कहीं ज्यादा भी हो सकते हैं। इसकी एक वजह ये है कि हॉस्पिटल ( Hospital ) के बाहर होने वाली मौतों को अभी तक आंकडों ( Data ) में जोड़ा नहीं गया है।

इन मौतों में 65 साल से कम उम्र वाले मरीजों ( Patients ) की कुल संख्या 12 फीसदी है। 65 साल के कम उम्र वालों की कुल 4,066 मौतें दर्ज हुई हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो 65 साल के कम उम्र में काम करने वाले लोगों में हर 1 लाख पर 8.4 मौतें दर्ज हुई हैं।

दूसरी ओर 65 साल के ऊपर हर 1 लाख पर 286 मौतें दर्ज हुई हैं। इसका मतलब ये हुआ कि 65 साल के ऊपर की उम्र वालों में कम उम्र की तुलना में 34 गुना ज्यादा मौतें हुई हैं। मृतकों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर मालूम हुआ कि 45 साल के कम उम्र वालों की कुल 410 मौतें दर्ज हुई हैं।

इस ऐज ग्रुप में यानी 45 साल के कम उम्र वालों में प्रति एक लाख पर 1 संक्रमित की मौत हुई है। इसके पहले के रिसर्च में कहा गया था कि अश्वेत और अल्पसंख्यक समुदायों में ज्यादा मौतें हो रही हैं। जबकि एक रिसर्च में ये भी दावा किया गया था कि कोरोना से महिलाओं की तुलना में मर्दों की मौत ज्यादा हुई है।

Published on:
15 May 2020 07:48 am
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