एक द्वीप फ्रांस और स्पेन के बीच स्थित है। जो हर छह महीने में अपना देश बदलते हैं।
नई दिल्ली। आज 21वीं सदी में कोई भी किसी का गुलाम नहीं है। सभी आजाद है और खुद के नियम-कानून से चलते है। इस दुनिया में एक ऐसी जगह है जो बहुत ही खूबसूरत है। लेकिन इस खास जगह पर दो देशों का कब्जा है और दोनों ही यहां पर राज करते है। जी हां, हम बात कर रहे है एक ऐसे आइलैंड की जो फ्रांस और स्पेन के बीच में है। इस पर दोनों ही देशों का अधिकार है। दोनों देश यहां पर छह-छह महीने से राज करते है। इस द्वीप का नाम फीजैंट द्वीप है। यह बहुत ही खूबसूरत है। जिसे फ्रांसीसी और स्पेनिश में फ्रेंच द्वीप कहा जाता है।
छह-छह महीनों तक करते है राज
फीजैंट द्वीप को लेकर आज तक फ्रांस और स्पेन के बीच एक बार भी झगड़ा नहीं हुआ है। दोनों देश अपनी इच्छा के अनुसार इसकी अदला बदली करते है। यह परंपरा पिछले 350 सालों से चली आ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आइलैंड पर एक फरवरी से 31 जुलाई तक स्पेन का कब्जा रहता है। बाकी के छह महीने यानी एक अगस्त से 31 जनवरी तक फ्रांस के पास रहता है। यह आइलैंड स्पेन और फ्रांस को अलग करने वाली नदी बिदासो के बीचोंबीच है।
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दोनों के बीच हुई थी पाइनीस संधि
वैसे तो इसको शांत द्वीप कहा जाता है। खबरों के अनुसार, एक बार इसके लिए फ्रांस और स्पेन के बीच काफी लड़ाई हुई थी। हालांकि फिर तीन महीने तक हुई बातचीत के बाद साल 1659 में दोनों देशों के बीच एक संधि हुई। इस दौरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। जिसे पाइनीस की संधि कहा जाता है। इस क्षेत्र की अदला-बदली की गई और सीमाएं तय की गईं। आपको बता दें कि यह द्वीप बेहद छोटा है। इसकी लंबाई सिर्फ 200 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है। हालांकि पानी के तेज बहाव और सुरक्षित रखने में हो रही लापरवाही के चलते इस आइलैंड का करीब आधा से ज्यादा हिस्सा अब खत्म हो चुका है।