भारतीय वन सेना के एक अधिकारी ने छिपकली के पानी के ऊपर चलने की एक वीडियो शेयर की है। इस वीडियो को देखने के बाद ट्विटर यूजर हैरानी जताते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया है कि यह छिपकली पानी पर फिजिक्स की वजह से चल पा रही है।
धरती पर ऐसे तत्वों की कोई कमी नहीं है जो हम सभी को अचम्भव में डालते हैं। जैसा कि हम जानते हैं धरती पर पाए जाने वाले ज्यादातर कीड़े मकोड़े आमतौर पर रेंगते हैं। मगर क्या आप कभी ये कल्पना कर सकते हैं कि ये कीड़े मकोड़े पानी पर चल सकते हैं? दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें एक छिपकली पानी के ऊपरर दौड़ती नजर आ रही है। इस वीडियो को भारतीय वन सेना (IFS) के एक अधिकारी ने शेयर किया है। वीडियो में पहले ये छिपकली लकड़ी के ऊपर खड़ी नजर आ रही है, जिसके बाद अचानक वह पानी में कूद जाती है और दौड़ने लगती है।
IFS अधिकारी सुशांत नंदा ने यह वीडियो ट्विटर पर शेयर की है। वीडियो में देखा जा सकता है कि यह छिपकली नदी के पानी में कूद जाती है। उसके कूदने के बाद हम ये कल्पना तो कर सकते हैं कि नदी को तैर कर पार कर लेगी। मगर हमारी कल्पना के परे यह छिपकली अपने पीछे के पैरों के बल पर दौड़ती नजर आ रही है। और पानी के ऊपर दौड़ते-दौड़ते वह नदी के किनारे पर पहुंच जाती है।
वहीं, छिपकली के पानी के ऊपर चलने के बारे में बताते हुए IFS अधिकारी नंदा ने लिखा, "फिजिक्स काम कर रही है... भूतल तनाव जब पानाी के मॉलिक्यूल्स आपस में चिपकते हैं तो बल पैदा होता है, जो छोटे जानवरों को जल निकायों पर सहजता से चलने की अनुमति देता है।"
इस वीडियो को देखकर यूजर्स दंग रह गए हैं और कई यूजर्स ने हैरानी भी जताई है। इस वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, "प्रकृति मां के पास अपनी दुनिया को दिखाने के लिए हमेशा कुछ खूबसूरत होता है।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "प्रकृति हर कदम पर हैरान करती है।" वहीं एक यूजर ने कमेंट में लिखा, "क्या इस छिपकली को जीसस लिजर्ड कहा जाता है या दक्षिण अमेरिका में पाई जाने वाली आम बेसिलिस्क (बेसिलिस्कस) या किसी तरह की भारतीय प्रजाति?"
वीडियो में दिखाई दे रही छिपकली बेसिलिस्क लिजर्ड जैसी प्रतीत हो रही है। इसे जीसस लिजर्ड के नाम से भी जाना जाता है। पानी पर चलने की इसकी स्पष्ट क्षमता के कारण इसे यीशु मसीह से जोड़ा जाता है, जिस कारण इसका नाम जीसस लिजर्ड भी दिया गया है। पेड़ पर रहने वाली यह प्रजाती मध्य अमेरिका में पाई जाती हैं। कहा जाता है कि शिकारियों के खतरे के कारण यह छिपकली पानी में गिर जाती है और सतह पर दौड़ कर दूर भाग जाती है।
गिरने और तैरने से पहले यह लगभग 15 फीट यानी 4.5 मीटर की दूरी के लिए लगभग 5 फीट प्रति सेकंड की गति से अपने हिंद अंगों पर पानी भर सकते हैं। वहीं, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक छात्र शी टोंग टोनिया हसीह ने नेशनल ज्योग्राफिक को बताया कि वे अपने पैरों के साथ बलों को पैदा करके पानी के ऊपर चलने के चमत्कारी कार्य को पूरा करते हैं जो उनके शरीर को सतह से ऊपर और सीधा रखते हैं।
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