
नई दिल्ली। गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2020) हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है क्योंकि हिंदुओं में गुरुओं को सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त है। इस धर्म में गुरुओं को भगवान से भी ऊपर का दर्जा प्राप्त हैं। इस वजह से देशभर में गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2020) का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार के गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी देशवासियों के लिए एक वीडियो संदेश भी जारी करेंगे।
गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के दिन मनेगा धर्म चक्र दिवस
दरअसल, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (International Buddhist Confederation- IBC) 4 जुलाई, 2020 यानी गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के दिन धर्म चक्र दिवस के रूप में मना रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खुद इस कार्यकर्म का उद्घाटन करने वाले हैं।
क्यों मनाया जाता है गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima 2020)
दरअसल, आषाण की पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता और चार वेदों के व्याख्याता महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा (Vyas Purnima) के रूप में भी जाना जाात है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के रूप में मनाया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक हर साल जुलाई के महीने में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है और इस साल गुरु पूर्णिमा 4 जुलाई को मनाई जाएगी।
तिथि और शुभ मुहूर्त
इस दिन देशभर में गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा-आराधना की जाती है। गुरु पूर्णिमा को लोग बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाते हैं। बता दें इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) भी है। लगभग दो घंटे 43 मिनट और 24 सेकेंड तक रहेगा। बता दें यह लगातार तीसरा वर्ष है जब गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। हालंकि ये चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए यहां पर ग्रहण का सूतक भी मान्य नहीं होगा।
चंद्रग्रहण की तिथी
इस बार गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के दिन चंद्रग्रहण सुबह 8 बजकर 38 मिनट से आरंभ होगा। 09 बजकर 59 मिनट में यह परमग्रास में होगा और 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में इसबार चंद्रग्रहण की पूरी अवधि 2 घंटा 43 मिनट और 24 सेकेंड की होगी। बताया जा रहा है कि ये चंद्रग्रहण अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के हिस्सों में देखा जा सकेगा।