Energy Drink: हाल ही में यूके में हुए एक शोध में सामने आया है कि बच्चों द्वारा एनर्जी ड्रिंक का सेवन करना उन्हें कमजोर बना रहा है।
आजकल एनर्जी का ड्रिंक का बड़ा क्रेज चल रहा है। युवाओं में इसका बड़ा क्रेज है और अक्सर कई मौकों पर उनके हाथ में एनर्जी ड्रिंक्स दिखाई दे जाते यहीं नहीं बच्चे भी इसे लेकर काफी उत्सुक दिखाई देते हैं लेकिन अब शोध में सामने आया है कि ए बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। ये न केवल सोने से जुड़ी समस्या को बढ़वा दे रहा बल्कि सिर दर्द और याद करने की क्षमता को भी प्रभावित कर है।
यूके स्थित मेडिकल जर्नल BMJ ओपन में प्रकाशित एक नए अध्ययन में कहा गया है कि यूके में 18 वर्ष से कम उम्र के एक तिहाई लोग हर हफ्ते कम से कम एक एनर्जी ड्रिंक का सेवन कर रहे हैं। ये ऐसे पेय प्रदर्थ हैं जिनमें पर्याप्त मात्रा में कैफीन है। इस शोध के अनुसार, सप्ताह में पांच या उससे अधिक दिन तक एनर्जी ड्रिंक का सेवन करने वाले बच्चे मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर पाए गए। इसके साथ ही ये शारीरिक, शैक्षिक और समग्र कल्याण में भी अन्य बच्चों की तुलना में कम थे।
इस शोध के मुख्य बिन्दु क्या रहे?
-लड़कियों की तुलना में लड़के अधिक एनर्जी ड्रिंक का सेवन का करते हैं
-उम्र बढ़ने के साथ एनर्जी ड्रिंक का सेवन भी बढ़ रहा है
-यूके सरकार अब विचार कर रही है कि कैफीनयुक्त ऊर्जा पेय (CED) पर युवाओं के लिए आवश्यक वार्निंग भी लेवल किया जाए।
बता दें कि ये अध्ययन को यूके के डिपार्ट्मन्ट फॉर हेल्थ एण्ड सोशल केयर द्वारा वित्त पोषित किया गया था। इस शोध का नेतृत्व डॉ गिन्नी ब्रंटन ने किया जो अब ओंटारियो टेक यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य विज्ञान संकाय में एक एसोसिएट प्रोफेसर हैं। स्पष्ट है ये अध्ययन यूके ही नहीं, बल्कि भारत जैसे उन देशों के बच्चों के लिए भी खतरे की घंटी है जो एनर्जी ड्रिंक का सेवन कर रहे हैं।