ज्योतिषियों के अनुसार इस समय शनि तथा गुरु दोनों ही मकर राशि में हैं। शास्त्रों के अनुसार ये दोनों ग्रह एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं वरन इन्हें मित्र माना जाता है।
आज रात 800 वर्ष बाद एक बार फिर आसमान में एक ऐसा ग्रहीय संयोग बनने जा रहा है जो हमें फिर कभी दुबारा नहीं देखने को मिलेगा। आज रात बृहस्पति और शनि ग्रह एक-दूसरे के इतना करीब आ जाएंगे कि देखकर ऐसा लगेगा कि दोनों ग्रह एक-दूसरे में समा गए हैं। इन दोनों ग्रहों की युति न केवल अंतरिक्ष वैज्ञानिकों वरन ज्योतिष में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए अद्भुत है। इस घटना को पूरे विश्व में एक महान संयोग भी कहा जा रहा है।
अगले दो सप्ताह तक देखा जा सकेगा इनका मिलन
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार बृहस्पति तथा शनि ग्रह एक दूसरे के इतना अधिक करीब आ चुके हैं कि इन दोनों के बीच केवल 0.1 डिग्री की ही दूरी है। ऐसा आज से 800 वर्ष पूर्व हुआ था। राइस यूनिवर्सिटी के खगोलविद पैट्रिक हर्टिगन ने बताया कि इस बार ये दोनों ग्रह न केवल करीब है वरन पृथ्वी से भी इतना स्पष्ट दिखेंगे कि दोनों अलग-अलग न दिखकर दोनों के एक ही दिखने का भ्रम भी होगा।
ज्योतिष के हिसाब से अद्भुत है यह घटना
ज्योतिषियों के अनुसार इस समय शनि तथा गुरु दोनों ही मकर राशि में हैं। शास्त्रों के अनुसार ये दोनों ग्रह एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं वरन इन्हें मित्र माना जाता है। दोनों ग्रहों की एक साथ मकर राशि में युति बनने से देश और दुनिया में चल रही कोरोना महामारी से राहत मिलने के संकेत बन रहे हैं। इसके साथ ही कहीं कोई बड़ा बदलाव होने के भी संकेत मिल रहे हैं। जिन लोगों की जन्मकुंडली में शनि अथवा गुरु कष्टदायी हैं, उनके लिए भी आने वाला समय राहत लेकर आ रहा है।