
नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद आज उनकी अस्थियों को विभिन्न नदियों में प्रवाह किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में शाम 05.05 बजे आखिरी सांस ली थी। जिसके बाद अटल जी के पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान ले जाया गया था। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के बाद अटल जी के शव को बीजेपी के कार्यालय ले जाया गया। 17 अगस्त को अटल जी के अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली के स्मृति स्थल ले जाया गया। जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अटल जी की बेटी नमिता भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी थी।
आज अटल जी की अस्थियों को विसर्जित करने के लिए कई जगहों पर तैयारी की जा रही है। अटल जी की अस्थियों को विसर्जित करने से पहले बेटी नमिता और नातिन निहारिका दिल्ली के स्मृति स्थल पहुंचे। खबरों के मुताबिक अटल जी की अस्थियों को सबसे पहले प्रेम आश्रम ले जाया जाएगा, फिर सड़के के रास्ते हरिद्वार पहुंचकर पवित्र गंगा में विसर्जित किया जाएगा। बता दें कि अटल जी की अस्थियों को हवाई मार्ग से यूपी की राजधानी लखनऊ भी पहुंचाया जाएगा। यहां अस्थियों के कुल 18 कलश होंगे, जिनके साथ भाजपा मुख्यालय तक एक खास अस्थि कलश यात्रा निकाली जाएगी।
जानकारी के मुताबिक अटल जी की अस्थियों को बीजेपी ऑफिस में रखा जाएगा ताकि वहां के नेता और जनता भी अटल जी को आखिरी श्रद्धांजलि दे सकें। यूपी बीजेपी के अध्यक्ष डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय ने जानकारी दी थी कि अटल जी की अस्थियों को 23 अगस्त को लखनऊ की गोमती में विसर्जित किया जाएगा। बताते चलें कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि पूर्व पीएम अटल जी की अस्थियों को सभी प्रमुख नदियों में विसर्जित किया जाएगा।
योगी ने बताया कि 20 अगस्त को भाजपा कार्यालय से सुबह 10 बजे अटल जी की अस्थियों के कलश राज्य के अलग-अलग 18 जगहों पर विसर्जन के लिए अस्थि कलश भेजे जाएंगे। कार्यक्रम के मुताबिक जहां-जहां अस्थि कलश पहुंचेगे, वहां से अटल जी को श्रद्धांजलि स्वरूप अस्थि कलश यात्राएं भी निकाली जाएंगी। सरकार के आदेशानुसार अटल जी की अस्थियां राज्य की प्रत्येक नदियों में विसर्जित की जाएंगी। बता दें कि इतिहास में पहले कभी इतने बड़े स्तर पर किसी की अस्थियों को विसर्जित करने का भव्य कार्यक्रम नहीं हुआ।