मालदा में एक 60 साल के बुजुर्ग शख्स को इसलिए नाव ( Boat ) पर ही जिंदगी जीने को मजबूर होना पड़ा क्योंकि लोगों को कोरोना का डर सता रहा था।
नई दिल्ली। कोरोना ( coronavirus ) ने लोगों का इस हद तक डरा दिया है कि हर कोई एक-दूसरे को इस शक के साथ देख रहा है कि कहीं मेरे बराबर में जो शख्स खड़ा है उसे इस बीमारी ने जकड़ तो नहीं रखा। इसी वजह से दुनियाभर के लोग सहमें हुए है।
अब आलम ये है कि कोरोना ( Corona ) की वजह से एक 60 साल के शख्स को नाव पर ही जिंदगी जीने को मजबूर होना पड़ा है। ये बुजुर्ग पिछले चार दिनों से नाव पर रह रहा है। दरअसल डॉक्टर ने इस बुजुर्ग शख्स को 14 दिनों के लिए अलग रहने की हिदायत दी थी।
जिसके बाद बुजुर्ग ने नाव ( Boat ) को ही अपना घर समझ लिया। नाडिया जिले के नबादवीप के रहने वाले निरंजन हलदर हबीबपुर ब्लॉक के दोबापारा इलाके में एक नाव पर ही रह रहे हैं। निरंजन हलदर ने बताया, 'कोरोना के शुरू होने के बाद मुझे बुखार हो गया था। इसलिए गांव वालों ने मुझे गांव में घुसने नहीं दिया ऐसे में मैंने नाव पर रहने का फैसला किया।
निरंजन हलदर हबीबपुर में अपने एक रिश्तेदार के यहां गए थे। कुछ दिन बाद ही उन्हें थोड़ी शारीरिक दिक्कतें महसूस हुईं और स्थानीय डॉक्टर ( Doctors ) ने उन्हें 14 दिनों तक अलग रहने की सलाह दी। जैसे ही इस बात का पता गांव वालों को इसका चला तो उन्होंने निरंजन को गांव में घुसने नहीं दिया गया।
इस इलाके में रहने वाले एक ने बताया कि उन्होंने निरंजन के लिए तमाम जरूरी बंदोबस्त किए है, उन्हें खाना व अन्य जरूरत का सभी सामान मुहैया कराया जा रहा हैं। हालांकि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन भी चौकसी बरतता हुआ दिखाई दिया।