कर्नाटक के बीदर जिले में लोगों ने बच्चा चोरी के शक में पीट-पीटकर एक इंजीनियर की जान ले ली। इसके साथ ही मृतक के दो दोस्त काफी गंभीर रूप से घायल हो गए।
नई दिल्ली। आजकल का जमाना ऐसा हो गया है कि किसी पर यकीन या भरोसा करना नामुमकिन सा लगता है। ऐसे में जो लोग सच में भलाई की भावना मन में रखकर कुछ करना चाहते हैं या करते हैं उन्हें भी अकसर गलत निगाहों से देखा जाता है। अब आप इस संदर्भ में कर्नाटक के इस घटना को ही देख लीजिए जहां बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
जी हां, कर्नाटक के बीदर जिले में लोगों ने बच्चा चोरी के शक में पीट-पीटकर एक इंजीनियर की जान ले ली। इसके साथ ही वहां उपस्थित मृतक के दो दोस्त काफी गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक व्यक्ति का नाम मोहम्मद आजम अहमद है। वह गूगल में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद आजम अपने साथियों नूर मोहम्मद, मोहम्मद सलमान और सलहम इदाल कुबैसी अपने किसी दोस्त से मिलने के लिए बीदर के मुरकी आए थे।
ये जब एक गांव पहुंचे तो अपनी कार रोककर स्थानीय किसी दुकान से चॉकलेट खरीदकर बच्चों में बांटने लगे। इसी बीच वहां कुछ गांववासी एकत्रित हो गए। स्थानीय लोगों ने इन युवकों को बच्चों में चॉकलेट बांटने से मना किया। इतना ही नहीं, लोगों ने उनका वीडियो बनाकर वॉट्सऐप पर वायरल किया वह भी इस कैप्शन के साथ कि वे तीनों बच्चा चोर हैं और चॉकलेट देकर बच्चों को बहलाने की कोशिश कर रहे हैं।
मोहम्मद आजम जब अपने दोस्तों संग गांव से वापस लौट रहे थे तभी कुछ लोगों ने उन्हें मुरकी थाने के पास रोक लिया। लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की सूचना पाकर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद उन्हें भीड़ से बचाया।
हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।मोहम्मद आजम अपना दम तोड़ चुके थे। उनके दोस्त गंभीर रूप से घायल थे। बता दें, नूर मोहम्मद, मोहम्मद सलमान और सलहम इदाल कुबैसी का बीदर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस का इस बारे में कहना है कि यह घटना सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए जाने वीडियो शेयर किए जाने से हुई है। वीडियो को भेजने वाले शख्स अमर पाटिल और ग्रुप एडमिन मनोज सहित इस हिंसा में शामिल बाकी के अन्य 30 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।