एक झोलाछाप डॉक्टर की वजह से इस शख्स के साथ कुछ ऐसा हो गया जिसके चलते अब उसकी जिंदगी मौत के इंतजार में कट रही है।
नई दिल्ली। पैसे की बचत करना अच्छी बात है लेकिन बात अगर स्वास्थ्य से संबंधित हो तो ऐसा न करना ही बेहतर है। अकसर दो चार सौ बचाने के चक्कर में हम अच्छे क्लीनिक में जाने के बजाय या तो दवाखाने से कोई दवा की पुड़िया ले लेते है या फिर झोलाछाप डॉक्टर के पास चले जाते है। ऐसा करना खतरे से खाली नहीं है।
अब आप इस शख्स को ही देख लीजिए झोलाछाप डॉक्टर के पास जाकर इसकी हालत ऐसी हो गई जिसे देख हर कोई सहम जाएगा। हम यहां बात कर रहे है मुहम्मद फारुक के बारे में जो कि पाकिस्तान का है। एक झोलाछाप डॉक्टर की वजह से फारुक की जिंदगी अब मौत के इंतजार में कट रही है। दरअसल, फारुक के मुंह में कैंसर हो गया है और यह उसका आखिरी स्टेज है।
फारुक के भाई ने बताया कि कुछ समय पहले फारुक के दांत में काफी तकलीफ थी। फारुक के दर्द को देखते हुए उसके एक दोस्त ने उसे डॉक्टर के पास जाकर दांत निकलवाने की सलाह दी। कुछ पैसे बचाने के चक्कर में फारुक एक झोलाछाप डॉक्टर के पास चला गया। सब कुछ सामान्य था लेकिन करीब आठ महीने बाद फारुक का चेहरा सूजने लगा।
पहले पहल सभी ने इस सूजन को अनदेखा किया लेकिन जब यह आकार में बढ़ने लगा तो मजबूरन उसे लेकर गवर्नमेंट हॉस्पिटल जाना पड़ा। अस्पताल ने डॉक्टरों ने कई टेस्ट कराए जिसके बाद फारुक के मुंह में कैंसर होने की बात सामने आई।
फारुक के परिवार वाले इस बात से चौंक गए। यह उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं था। पेशे से एक कारपेंटर फारुक का चेहरा अब सिर के बराबर फूल गया है। उसके लिए खाना तो दूर, बात करना भी मुश्किल हो गया है। फारुक अब केवल लिक्विड डायट पर जिंदा है।
फारुक के घरवाले उसके इलाज के लिए उसे कई सरकारी अस्पताल में लेकर गए लेकिन हर जगह उसे एडमिट करने से मना कर दिया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि फारुक अभी कैंसर के लास्ट स्टेज से गुजर रहा है। उसके बचने की उम्मीद न के बराबर है। इसीलिए डॉक्टर्स उसे बेवजह दर्द नहीं देना चाहते हैं। हालांकि दर्द और जलन को कम करने के लिए उसे कई दवाईयां दी गई हैं।
डॉक्टर्स का कहना है कि तम्बाकू का सेवन करने वाले फारुक को कैंसर इस वजह से हुआ क्योंकि दांत निकलवाने के दौरान इन्हीं सब के चलते उसके मुंह में इंफेक्शन हो गया क्योंकि छोटे-मोटे क्लीनिकों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान नहीं रखा जाता है। यहां आमतौर पर गंदे इक्विपमेंट्स का उपयोग कर मरीजों का इलाज किया जाता है।