
वर्तमान में लोग अपनी सेहद को लेकर काफी चिंचित है। बीते कुछ सालों में कोरोना वायरस के बाद लोग इम्युनिटी पॉवर को लेकर ज्यादा एक्टिव हो गए है। छोटी की बीमारी को लेकर भी काफी सजग हो गए है। घर की और अपने शरीर साफ सफाई को लेकर काफी ध्यान रख रहे है। लेकिन आज आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे है जो बीते 22 साल से बिना नहाए घूम रहा है। हम बात कर रहे है बिहार के धर्मदेव की। जिन्होंने अपने शरीर पर एक बूंद पानी की नहीं डाली। बदन की बदबू के कारण उनको नौकरी से हाथ धोना पड़ा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने एक प्रतिज्ञा ली है कि जब तक देश से अत्याचार, जमीन विवाद और जीव हत्या समाप्त नहीं होती तब तक वह स्नान नहीं करेंगे।
22 साल से बिना नहाए घूम रहा है एक शख्स
हम बात कर रहे है बिहार के गोपालगंज के रहने वाले धर्मदेव की। धर्मदेव 22 साल से नहीं नहाए है। बदन की बदबू के चलते उनको नौकरी गंवानी पड़ी। इतना सब कुछ सहने के बाद भी उन्होंने अपना प्रण नहीं तोड़ा। धमदेव ने सौगंध ली है कि जब देश से महिलाओं के प्रति अत्याचार, जमीन विवाद और जीव हत्या खत्म नहीं होगी वह अपने बदन पर पानी की एक बूंद नहीं डालेंगे।
बीवी-बेटों की मौत पर भी नहीं नहाए
धर्मदेव की पत्नी का 2003 निधन हो गया था। उस दौरान धर्म और कर्मकांड में नहाने की परंपरा होती है। काफी समझाने के बाद भी वो नही नहाए। इसके बाद उनके दो दो बेटों की भी मौत हो गई। इस मौके पर भी उन्होंने अपने शरीर पानी डाला। दृढ़ प्रतिज्ञ धर्मदेव भगवान राम के भक्त हैं। उन्हीं की तरह अपने वचन और सौगंध को मरते दम तक निभाने के लिए भी संकल्पित हैं।
नौकरी से धोना पड़ा हाथ
आपको बता दें कि धर्मदेव कोलकाता में एक जूट फैक्ट्री में काम करते थे। नहीं नहाने की वजह से शरीर में से बदबू आने लगी तो उनको नौकरी से हाथ धोना पड़ा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दशकों से नहीं नहाने वाले 62 साल के बुज़ुर्ग कभी बीमार भी नहीं पड़ते। अजीब ज़िद को गांव वाले अब मानसिक बीमारी और तंत्र-मंत्र का मामला कहने लगे हैं, लेकिन धर्मदेव को किसी भी बात से कोई फर्क नहीं पड़ता।