इस आदमखोर बाघ (Man-eating tiger) ने अबतक 8 लोगों को अपना शिकार बना लिया। एक अधिकारी ने बताया कि इलाके के 21 गांव इस बाघ की आतंक से परेशान हैं। किसान खेत में नहीं जा रहे हैं, गांव में सब लोग अपने घरों में कैद हैंं।
नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र (Maharashtra News) में चंद्रपुर के राजुरा तहसील में एक बाघ ने आतंक मचा रखा है। इस आदमखोर बाघ ने अबतक 8 लोगों को अपना शिकार बना लिया। इस खूखार जानवर के डर से पूरा इलाका अपने घर से निकलने से पहले भी 10 बार सोच रहा है।
पिंजरे में कैद हुए कर्मचारी
वन विभाग भी इस आदमखोर बाघ (Man-eating tiger) को पकड़ने के लिए कई तरीके अपना चुका है लेकिन अभी तक कोई भी तरीका काम नहीं आया। जिसके चलते विभाग ने अपने ही कर्मचारियों को पिंजरे में बैठने का फरमान जारी किया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक जंगल में दो अलग पिंजरे लगाए गए हैं। जिसमें एक पिंजरा बाघ को पकड़ने के लिए लगाया गया है वहीं दूसरे पिंजरे में खुद कर्मचारी को बैठना हैं।
बाघ को पकड़ने के लिए आठ घंटे की तीन शिफ्ट में दो-दो कर्मचारी पिंजरे में बैठाए जाएंगे और इनके पूरी तरह सुरक्षित होने की जानकारी वन विभाग के अधिकारी दे रहे हैं। विभाग के मुताबिक दूसरे पिंजरे में बैठा कर्मचारी बाघ को देखते ही रस्सी खिच कर बाघ को पकड़ लेगा।
बाघ ने 8 किसानों को बनाया शिकार
वन विभाग के मुताबिक RT 1 बाघ ने अब तक आठ किसानों को मार दिया है। इसके अलावा उसने कई कई मवेशियों को अपना शिकार चुका है। बाघ के बढ़ते आतंक को देखते लोग इसे गोली मारने की मांग कर रहे हैं और विभाग के के खिलाफ मोर्चा भी निकाल रहे हैं।
21 गांवों में दहशत
एक अधिकारी ने बताया कि इलाके के 21 गांव इस बाघ की आतंक से परेशान हैं। किसान खेत में नहीं जा रहे हैं, गांव में सब लोग अपने घरों में कैद हैंं। कोई घर से बाहर भी नहीं निकल रहा है। वन विभाग के कर्मचारी पिछले 7 महीनों से इस बाघ को पकड़ने में लगी हुआ है और इसके लिए लगभग 160 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
इस बार का प्लान है अलग
अधिकारी के मुताबिक इस बार का प्लान थोड़ा अलग है। हमने जंगल में पिंजरे लगाए गए हैं और झाड़ियों में छिपाये गए एक पिंजरे में वन कर्मचारियों को बैठाया जा रहा है। अगर बाघ पिंजरे में जाता है तो दूसरे पिंजरे में बैठा कर्मचारी रस्सी खीच कर उसे कैद कर लेगा। हालांकि ये इतना आसान भी नहीं है।