एमी जो अपने ट्वीट पर शिमला मिर्च को लेकर जो खुलासा किया वो जबरदस्‍त तरीके से वायरल हो गया।
नई दिल्ली।सोशल मीडिया पर शिमला मिर्च को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है। कई लोग शिमला मिर्च रईसों की सब्ज़ी बोलते हैं इसका इस्तेमाल, सब्जी बनाने से लेकर व्यंजन को सजाने तक में किया जाता है। बाजार में हरे, लाल, नारंगी और पीले रंग के इस सदाबहार मिर्च को लेकर एक महिला ने ऐसे सवाल पूछे हैं जिसे सुन सब दंग रह गए। ट्विटर पर एमी नाम की एक महिला के एक ट्वीट से यह पूरा खेल शुरू हुआ। 11 सितंबर को एमी ने एक ट्विटर किया जिसमे उन्होंने बताया कि जिस शिमला मिर्च को हम अलग-अलग दाम में खरीदते हैं असल में वो एक ही मिर्च होती है और वो समय के साथ-साथ अपना रंग बदलती है। एमी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था कि, "मुझे अभी पता चला कि हरी मिर्च ही पकने के बाद पीले, नारंगी और लाल रंग की हो जाती है। मेरे तो होश उड़ गए।"
बता दें कि, एमी जो अपने ट्वीट पर शिमला मिर्च को लेकर जो खुलासा किया वो जबरदस्त तरीके से वायरल हो गया। बता दें कि, एमी के इस ट्वीट पर अभी तक काफी लोगों ने रीट्वीट किया है, और कई लोग इसपर कमेंट भी कर चुके हैं। एमी के इस ट्वीट को देखकर काफी लोग हैरान हैं और यह सोच रहे हैं कि अगर सब्ज़ी एक ही है, तो रंग के कारण इनके मूल्य में इतना अंतर क्यों। कई यूजर्स ने आश्चर्य जताते हुए सवाल भी किया कि यदि ऐसा है तो चारों रंग के मिर्च की कीमत अलग-अलग क्यों है? एमी ने बाद में एक और ट्वीट किया। बता दें कि, ट्वीट के वायरल होने के बाद कई बॉटनी के विशेषज्ञों ने एमी के इस दावे को गलत ठहराया है। एक बॉटनी विशेषज्ञ जिनका नाम जेम्स वॉन्ग है उन्होंने ट्वीट कर के कहा ये बात एकदम गलत है कि यह एक ही मिर्च होती है, उन्होंने बताय कि, सभी मिर्च जेनेटिकली अलग-अलग होते हैं। उनका कहना था कि, 'यह सच है कि हरी वाली मिर्च बाकी दूसरे रंगों की मिर्च से थोड़ी कम पकी होती है, लेकिन पूरी तरह पक जाने पर सभी आनुवांशिक रूप से विभिन्न किस्म की हैं।' बता दें कि, एमी के एक ट्वीट से इंटरनेट पर यह बहस अभी भी बरकार है कि, अगर अभी मिर्च एक ही होती हैं तो इनकी कीमत अलग-अलग क्यों होती है।