
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शुमार वेनेजुएला के आर्थिक हालात किसी से छिपे नहीं हैं। मौजूदा समय में वहां के हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लोग देश छोड़कर उसकी सीमा से सटे कोलंबिया में भागने को विवश हैं। अब यहां के एक यूनिवर्सिटी प्रफेसर को अपना पुराना जूता मरम्मत करवाने के लिए चार महीने की सैलरी के बराबर 20 अरब बोलिवर (करीब 4 लाख रुपए) देने पड़े। आलम यह है कि वहां की करेंसी में आई गिरावट की वजह से एक लीटर दूध 80 हजार से अधिक रुपए में बिक चुका है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि, वहां पर एक ब्रेड की कीमत भी हजारों में हो चुकी है। वहीं 3 लाख रुपयों में महज एक किलो मीट ही आ पाएगा। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने आशंका जताई है कि इस वर्ष के आखिर तक महंगाई दर 10 लाख प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यदि यह कहा जाए कि इस देश में बोरे में भरकर नोट ले जाने पर आप शायद एक समय का खाना ही खा पाओगे तो गलत नहीं होगा।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला इतने गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है कि एक कप कॉफी पीने के लिए आपको नोटों की मोटी गड्डी खर्च करनी पड़ रही है। वेनेजुएला कभी दक्षिण अमरीका का सबसे अमीर देश था लेकिन अब यहां अर्थव्यवस्था गिर गई है, नाई बाल काटने के एवज में अंडे और केले ले रहे हैं। कैब सर्विस लेने के लिए सिगरेट का डब्बा देना पड़ रहा है। रेस्ट्रॉन्ट खाना खिलाने के बदले पेपर नैपकिन ले रहा है। अनाज, दूध, दवाइयों और बिजली का घोर अभाव है। बेरोजगारी बढ़ने के अपराध में तेजी से इजाफा हो रहा है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का कहना है कि देश भारी आर्थिक संकट में फंसा हुआ है।