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एक्सपेरिमेंट के चक्कर में मां को खिलाई वियाग्रा, फिर बच्चों के साथ हुआ ऐसा

मिली जानकारी के अनुसार, यौनवर्धक दवा वियाग्रा को महिलाओं को देने के बाद उनके शरीर में खून का प्रवाह बढ़ रहा था जिससे बच्चों के फेफड़ों के गंभीर नुकसान पहुंचा

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Priya Singh

Jul 25, 2018

Eleven babies die after Dutch women given Viagra in drug trial

एक्सपेरिमेंट के चक्कर में मां को खिलाई वियाग्रा, फिर बच्चों के साथ हुआ ऐसा

नई दिल्ली। नीदरलैंड्स दवाइयों के परीक्षण के दौरान वियाग्रा दिए गए गर्भवती महिलाओं को पैदा हुए 11 बच्चों की मौत के बाद इस प्रयोग को तत्काल रूप से रोक दिया गया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शोध में हिस्सा ले रही महिलाओं को यौनवर्धक दवा वियाग्रा दी जा रही थी। यह शोध उन महिलाओं पर किया जा रहा था जिनमें गर्भस्थ शिशु की गर्भनाल कमजोर पाई गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, यौनवर्धक दवा वियाग्रा को महिलाओं को देने के बाद उनके शरीर में खून का प्रवाह बढ़ रहा था जिससे बच्चों के फेफड़ों के गंभीर नुकसान पहुंचा और उन्होंने इस दुनिया में आने से पहले ही आंखें बंद कर लीं। मिली जानकारी के अनुसार इससे पहले ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में किए गए इसी तरह के शोध में किसी तरह के नुकसान सामने नहीं आए थे लेकिन इस शोध से कोई फायदा भी नहीं हुआ था। लिहाजा वियाग्रा जैसी दवा को समझने के लिए विस्तृत जांच की जरूरत है।

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डॉक्टरों की मानें तो, गर्भावस्‍था के दौरान महिला अपने जीवन में कई बदलाव महसूस करती है। इन्‍हीं बदलावों के साथ कुछ मुश्किलें भी आती हैं। गर्भनाल की समस्या उनमे से एक है, जिसमें महिला को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कमजोर गर्भनाल की वजह से अजन्मे बच्चों का विकास रुक जाना एक गंभीर बीमारी है जिसका अभी कोई इलाज विकसित नहीं किया जा सका है। इसकी वजह से बच्चे समय से पहले जन्म ले लेते हैं। कमजोर होने के कारण उनके बचने की संभावना भी कम ही रहती। गर्भावस्था के दौरान और बाद में नाल की हड्डी से संबंधित जटिलताएं होना असामान्य नहीं हैं। शोध के दौरान कुल 93 महिलाओं को वियाग्रा दी गई जबकि 90 महिलाओं को एक डमी दवा दी गई। जन्म के बाद बीस बच्चों को फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हो गईं। बता दें कि, इनमें से तीन वो बच्चे थे जिनकी मां को डमी दवा दी गई थी जबकि बाकी सब दूसरे समूह की महिलाओं के बच्चे थे। इनमें से 11 बच्चों की मौत हो गई। वास्तव में गर्भावस्था के दौरान बहुत सी समस्‍याएं आती है जो विशेषज्ञों द्वारा बच्‍चे के जन्म के पूर्व अल्ट्रासाउंड के दौरान पता चलती है।

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