पंजाब और हरिणाया हाईकोर्ट ने महेंद्रगढ़ की एक महिला से बुरा व्यवहार और काले रंग को लेकर ताने देने के मामले में सुनवाई करते हुए उसे तलाक लेने की इजाजत दे दी है।
नई दिल्लीः अगर आप भी अपनी पत्नी को उसके रंग के लिए ताने देते हैं, या फिर उसे काली—कलूटी कहने की गलती करते हैं तो सावधान हो जाइए। दरअसल, पंजाब और हरिणाया हाईकोर्ट ने महेंद्रगढ़ की एक महिला से बुरा व्यवहार और काले रंग को लेकर ताने देने के मामले में सुनवाई करते हुए उसे तलाक लेने की इजाजत दे दी है।
सबसे सामने कहा- काली कलूटी
बता दें कि महिला का अपने पति से खाना को लेकर विवाद हुआ था। कई लोगों की मौजूदगी में महिला के पति ने उसके काले होने पर कमेंट करने को लेकर तलाक की याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने महिला की इस याचिका को स्वीकार भी कर लिया।
क्या है कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीड़ित पत्नी यह साबित करने में कामयाब रही है कि उसके साथ बदसलूकी और गलत तरह का व्यवहार किया गया। इसी वजह से उनको अपनी शादीशुदा जिंदगी खत्म करने का मजबूरन फैसला लेना पड़ा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अदालत में पेश किए गए सबूत यह निष्कर्ष निकालने के लिए काफी हैं कि याचिकाकर्ता के साथ मानसिक और शारीरिक तौर पर क्रूरता की गई।
फैमिली कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
जस्टिस एमएमएस बेदी और जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल की डिविजन बेंच ने महेंद्रगढ़ की फैमिली कोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है। मालूम हो कि फैमिली कोर्ट ने इस मामले में महिला की याचिका खारिज कर दी थी।
महिला के साथ क्रूरता की बात साबित हुई
कोर्ट ने कहा कि महिला के ऐफिडेविट से उनके साथ क्रूरता की बात साबित हो चुकी है। जब एक महिला अपने ससुराल को त्याग कर अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा जताती है तो वैधानिक तौर पर यह जानना जरूरी हो जाता है कि किन हालात में उसने यह कदम उठाया है। इस केस में महिला के साथ क्रूरता की बात साबित हुई है।
शादी के बाद से ही शुरू हो गया था बुरा व्यवहार
पीड़ित महिला के वकील जेपी शर्मा ने कोर्ट में बताया कि शादी के समय से ही महिला के ससुराल वाले उससे बुरा व्यवहार करते थे। खाना बनाने से लेकर घर के हर छोटे-बड़े काम के लिए उसे बुरा-भला कहा जाता था। यही नहीं उसे सबके सामने काली-कलूटी कहकर अपमानित किया जाता था।
मायके लौट आई थी महिला
बता दें, महिला नवंबर 2012 में अपने माता-पिता के साथ रहने मायके लौट आई थी। बताया जाता है कि महिला के पिता ने कइर् बार मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन दूसरा पक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ।