लोग उसपर आरोप लगा रहे थे कि वह नरभक्षी है और उसने बच्चों की हत्या कर उनके अंगों को खाया है।
नई दिल्ली।बच्चा चोर गिरोह के आतंक के कारण अभी पिछले दिनों दो बेकसूर लड़कों को भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया। भीड़ इतनी असंवेदनशील हो गई कि उन्हें बिना जांच पड़ताल किए पीट-पीटकर मार डाला। घटना उत्तर पूर्व राज्य की है जहां के राज्यों में बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यहां आए दिन लोग अफवाहों के चलते बेकसूरों को मारने में लगे हैं। हाल ही में मणिपुर में लोगों ने एक शख्स को बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और उसे खूब पीटा। लोग उसपर आरोप लगा रहे थे कि वह नरभक्षी है और उसने बच्चों की हत्या कर उनके अंगों को खाया है। लेकिन जब उसे पुलिस उसे अस्पताल ले गई तो वहां पता चला कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस शख्स का नाम इंद्रजीत सिंह बताया जा रहा है जिसकी उम्र लगभग 26 साल की है।
यह घटना चम्फई गांव की है जहां लोगों ने इंद्रजीत के साथ एक और शख्स को बंधक बना लिया था। उसे भी इंद्रजीत के साथ रखा गया था। उसे भी ग्रामीणों ने बच्चा चोर ही समझा था। उन्हें बाद में पुलिस मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए रिम्स अस्पताल लेकर गई। वहां पर दोनों को नरभक्षी होने का आरोप लगा रहे थे। इस केस के संबंध में कांगपोकपी के एसपी ने कल स्पष्ट किया कि दोनों को सैकुल पुलिस स्टेशन में प्रोटेक्टिव कस्टडी में लिया गया था। वे नरभक्षी नहीं है। अभी तक इस संबंध में कोई भी व्यक्ति या समूह शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आया है। पुलिस को दोनों की पहचान करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन आखिरकार पुलिस इंद्रजीत की पहचान करने में सफल हुई। उसे पुलिस ने परिवार को सौंप दिया।