
विविधता में एकता का सशक्त संदेश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न राज्यों की लोक एवं शास्त्रीय सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित एकल एवं समूह नृत्य, समूह गायन तथा वाद्य वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत और नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। हर प्रस्तुति भारत की सांस्कृतिक विविधता और विविधता में एकता के संदेश को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त कर रही थी।
भारत की सांस्कृतिक विविधता हमारी सबसे बड़ी शक्ति
अतिथियों ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। विभिन्न भाषाओं, वेशभूषाओं और परंपराओं के बावजूद देश एक सूत्र में बंधा हुआ है, जो विश्व के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। केंद्रीय विद्यालय संगठन विभिन्न राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक समन्वय को मजबूत बना रहा है। एक भारत श्रेष्ठ भारत जैसी पहल विद्यार्थियों में राष्ट्रीय दृष्टिकोण, पारस्परिक सम्मान और अखंड भारत की भावना विकसित करती है।
केंद्रीय विद्यालय जीवन मूल्यों का सशक्त मंच
विद्यालय के प्राचार्य राकेश कुमार गोयल ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और जीवन मूल्यों का भी सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय वास्तव में लघु भारत का स्वरूप प्रस्तुत करते हैं, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थी एक साथ अध्ययन करते हुए भाईचारे, सहयोग और राष्ट्रीय एकता की भावना को आत्मसात करते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कला एवं संस्कृति आधारित गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उनमें उत्तरदायी नागरिकता और राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करती हैं।
विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की, जबकि अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। समारोह में विद्या पी. हनचिनमणि इंटरनेशनल स्कूल, धारवाड़ के प्रधानाचार्य नवीन कुमार एस. भट विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।