
निश्चित रिटर्न का लालच देकर निवेश कराने के आरोप
ईडी के अनुसार यह जांच बेलगावी शहर के मालामारुति थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई। प्राथमिकी में लोगों को असामान्य रूप से अधिक और निश्चित रिटर्न का लालच देकर निवेश कराने के आरोप हैं। मामला अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध और वित्तीय प्रतिष्ठानों में जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के तहत दर्ज किया गया था। ईडी की जांच में सामने आया कि शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर ने निवेश और जमा राशि पर हर महीने 3 फीसदी रिटर्न देने का कथित भरोसा दिलाकर लोगों से बड़ी रकम जुटाई। जांच के अनुसार इस तरीके से करीब 2,110.97 करोड़ रुपए जुटाए गए। तलाशी के दौरान करीब 333.89 करोड़ रुपए की रकम निवेशकों को लौटाए जाने के साक्ष्य मिले। वहीं ईडी के प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 1,777.08 करोड़ रुपए की कथित अपराध से अर्जित आय का अब तक पता नहीं चल सका है।
कई खातों के जरिए रकम के लेन-देन की जांच
ईडी ने बैंक और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड के प्रारंभिक विश्लेषण के आधार पर विभिन्न कारोबारी, निजी और मध्यस्थ खातों के जरिए रकम के लेन-देन की बात कही है। इनमें स्टॉक ब्रोकर, फिक्स्ड डिपॉजिट, संबंधित व्यक्तियों और अन्य लाभार्थियों को किए गए ट्रांसफर भी शामिल हैं। जांच में शिवम एसोसिएट्स, शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर, सुभाष रामगौड़ा नंदार्गी, महेश एस. नीलन्नावर, शिवम प्रोडक्शंस, शिवम लाइफलाइन प्राइवेट लिमिटेड और शिवम सेवा (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं के बीच वित्तीय संबंध सामने आने की बात ईडी ने कही है। जांच में निवेशकों को जोडऩे वाले कमीशन एजेंटों को 0.5 फीसदी कमीशन दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ईडी ने तलाशी के दौरान कथित अपराध से अर्जित रकम के निर्माण, हस्तांतरण, लेयरिंग और पार्किंग से जुड़े दस्तावेज तथा डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।