हुबली

सोमनाथ से मां कामाख्या तक गौ राष्ट्र यात्रा की रवानगी 1 अगस्त से, सात राज्यों और दो देशों से होकर गुजरेगी यात्रा

गौ सेवा, गौ संवर्धन और गौ आधारित ग्राम अर्थव्यवस्था को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से गौ राष्ट्र यात्रा का दूसरा चरण 1 अगस्त से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यात्रा संयोजक भारत सिंह राजपुरोहित (शिवतलाव) के नेतृत्व में यह यात्रा सोमनाथ (गुजरात) से प्रारंभ होकर मां कामाख्या (असम) तक पहुंचेगी। लगभग 20 हजार किलोमीटर की यह यात्रा सात राज्यों और दो देशों से होकर गुजरेगी।
less than 1 minute read
भारत सिंह राजपुरोहित
भारत सिंह राजपुरोहित

गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौ आधारित ग्राम अर्थव्यवस्था
भारत सिंह राजपुरोहित शिवतलाव ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर गौपालकों, किसानों, गौशालाओं, पशु विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों से संवाद स्थापित करना है। यात्रा के माध्यम से गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौ आधारित ग्राम अर्थव्यवस्था के व्यावहारिक एवं स्थायी मॉडल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान देशी गौ नस्लों के संरक्षण, वैज्ञानिक पशु कल्याण, पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन तथा किसानों की आय बढ़ाने में गौ आधारित अर्थव्यवस्था की भूमिका पर विशेष चर्चा होगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संस्थाओं को इस अभियान से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।

मूल उद्देश्य सेवा की भावना को जनसहभागिता से जोडऩा
उन्होंने कहा कि यात्रा का मूल उद्देश्य सेवा की भावना को जनसहभागिता से जोडऩा है। यह अभियान करुणा, जिम्मेदारी और सामाजिक सहयोग के माध्यम से गौ संरक्षण को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने गौशालाओं, किसान संगठनों, स्वयंसेवकों एवं सामाजिक संस्थाओं से यात्रा में सेवा, स्वागत, आयोजन और ज्ञान-सहयोग के माध्यम से जुडऩे का आह्वान किया।

Updated on:
31 Jul 2026 03:57 pm
Published on:
31 Jul 2026 03:57 pm
Also Read
View All
रामदेवरा जा रहे साइकिल यात्रियों का हुब्बल्ली में स्वागत, बाबा रामदेव के जयकारों से गूंजा वातावरण

आस्था, संस्कार और सेवा का संगम: ढाई दशक से धर्म और समाजसेवा की मिसाल बना वासुपूज्य जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट

गुरु पूर्णिमा पर खिल उठीं मासूम मुस्कानें, मूक-बधिर बच्चों के बीच पहुंची खुशियों की सौगात

रेलवे स्टेशन पर खोई मुस्कान फिर लौटी: बिछड़े बचपन को मिला अपनों का आंगन, ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते ने चार वर्षों में 331 बच्चों को दी नई जिंदगी

एक भारत श्रेष्ठ भारत की झलक बनीं विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियां, प्राचार्य बोले- केंद्रीय विद्यालय में बसता है लघु भारत