
नए भवन की योजना संघ की ओर से काफी पहले बनाई गई थी। 28 मई 2025 को नएभवन निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन किया गया था। इस अवसर पर पंडितों के सान्निध्य में पूजा-पाठ और हवन किया गया था। भूमि पूजन के बाद अब भवन निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में बैठक में आवश्यक निर्णय लिए गए। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसमें समाज के लोगों की भागीदारी और सहयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ हुब्बल्ली के अध्यक्ष उदाराम प्रजापत थलवाड़ एवं महासचिव मालाराम देवासी बिठूजा ने बताया कि गब्बुर गली स्थित बाबा रामदेव मंदिर की स्थापना वर्ष 1990 में हुई थी। स्थापना के बाद से मंदिर प्रवासी राजस्थानी समाज के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर में वर्षभर धार्मिक आयोजन होते हैं। बाबा रामदेव जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम, जागरण और शोभायात्रा का आयोजन किया जाता है। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
नए चार मंजिला भवन के निर्माण से मंदिर से जुड़ी धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा। संघ की ओर से समय-समय पर धार्मिक आयोजनों के साथ समाज की विभिन्न सामूहिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। नए भवन के बनने के बाद इन गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में सुविधा होगी। संघ पदाधिकारियों के अनुसार भवन का उपयोग केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगा। समाज की विभिन्न सामाजिक, सामूहिक और सेवा गतिविधियों के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।
नए भवन के साथ वर्तमान बाबा रामदेव मंदिर के नवीनीकरण की योजना पर भी काम शुरू कर दिया गया है। मंदिर के वर्तमान स्वरूप को ध्यान में रखते हुए आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए राजस्थान से पंडितों को बुलाकर धार्मिक एवं पारंपरिक दृष्टि से भी राय ली जा रही है। उनकी सलाह मिलने के बाद मंदिर के नवीनीकरण का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।
हुब्बल्ली में प्रवासी राजस्थानी समाज के बीच बाबा रामदेव के प्रति गहरी आस्था है। राजस्थान से आकर बसे परिवारों के साथ अन्य समाजों के श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े हैं। बाबा रामदेव जन्मोत्सव सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं। संघ की ओर से पालना कार्यक्रम सहित अन्य धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित होती हैं।
मंगलवार की बैठक में भवन निर्माण कार्य को गति देने और समाज के सहयोग से इसे आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर और नया भवन समाज की धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी केंद्र बनेगा।
बैठक में अध्यक्ष उदाराम प्रजापत, उपाध्यक्ष चैनाराम चौधरी एवं नरपतसिंह बालोत, महासचिव मालाराम देवासी, कोषाध्यक्ष ललित दैय्या, सह कोषाध्यक्ष जालमसिंह देवड़ा, दूदाराम चौधरी, लखमीचंद गांधीमुथा, सुरेश सी. जैन लक्की, किशोर पटेल, कांतिलाल राजपुरोहित, हरिभाई सुथार, रमेश राजपुरोहित, अभिषेक मेहता, अनूप दर्जी, धर्मेंद्र माली, खिमजी दैय्या, केसाराम पटेल, रामलाल जणवा चौधरी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।