मां की गोद में बैठकर आसमान में टिमटिमाते सितारों को निहारने वाली एक नन्ही बच्ची ने कभी उन्हें छूने का सपना देखा था। वर्षों की मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बाद आज वही सपना साकार हो गया है। भारतीय मूल की राजस्थान के जालोर जिले के डगातरा गांव से जुड़ी नंदिनी राजपुरोहित ने ऑस्ट्रेलिया में अंतरिक्ष सुरक्षा (स्पेस सिक्योरिटी) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हासिल कर अपने परिवार, समाज और देश का गौरव बढ़ाया है।

रक्षा और अंतरिक्ष जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में पहचान बना रही बेटियां
नंदिनी राजपुरोहित, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले हरीश राजपुरोहित की पुत्री हैं। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उन सभी माता-पिताओं के सपनों की जीत है, जिन्होंने अपनी बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला दिया। नंदिनी ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और समर्पण से यह साबित कर दिया कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती और आत्मविश्वास के साथ हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उनकी सफलता ने लाखों बेटियों को यह संदेश दिया है कि यदि अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे विज्ञान, तकनीक, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
माता प्रीति के संस्कार और प्रेरणा की महत्वपूर्ण भूमिका
नंदिनी के निकट संबंधी तथा होसपेट में व्यवसाय कर रहे मायलावास निवासी भीमसिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका को बताया कि नंदिनी की सफलता के पीछे उनकी माता प्रीति राजपुरोहित के संस्कार और प्रेरणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रीति राजपुरोहित का जन्म राजस्थान के जालोर जिले के ओडवाड़ा गांव में हुआ। वे डॉ. कनुभाई पुरोहित की पुत्री हैं और उनकी प्रारंभिक शिक्षा अहमदाबाद में हुई। विवाह के बाद वे अपने पति हरीश राजपुरोहित के साथ ऑस्ट्रेलिया चली गईं, जहां नंदिनी का जन्म हुआ। परिवार से मिले संस्कार, शिक्षा और प्रोत्साहन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।