वन विभाग गदग जिले के शिरहट्टी और लक्ष्मेश्वर तहसीलों में टैंकर से पानी पहुंचाकर पौधों को बचाने का प्रयास कर रहा है। इस बार भयंकर सूखा पडऩे से पौधे सूख गए। इसलिए वन विभाग के कर्मचारी पौधों को बचाने के लिए टैंकर से पानी पहुंचा रहे हैं।
विभिन्न सड़कों के किनारे सैकड़ों नीम, बरगद, इमली समेत अन्य पौधे उगाए गए हैं। इन पौधों में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार हर साल वन विभाग के माध्यम से पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करती है। इस वर्ष भी वन विभाग ने शिरहट्टी और लक्ष्मेश्वर तालुकों के विभिन्न हिस्सों में पौधे लगाए। गदग जिले के शिरहट्टी और लक्ष्मेश्वर तहसीलों में पौधों को बचाने के वन विभाग के प्रयासों को सराहना मिली है।
सुरक्षा के उपाय
एक अधिकारी ने कहा कि हमने पूरी तहसील में हजारों पौधे लगाए हैं। पानी की कमी के कारण वे सूख रहे हैं। इसलिए हम टैंकरों का उपयोग करके उन्हें पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि कई बार चरवाहे पौधों को बड़े होते ही काट देते हैं। इसलिए पौधे आगे नहीं बढ़ पाते। वन विभाग के अधिकारियों को पौधों की सुरक्षा के उपाय शुरू करने चाहिए और पौधों को उगाने के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।
नमी के कारण सूख रहे पौधे
पानी की आपूर्ति नहीं होने पर नमी की कमी के कारण पौधे सूख जाते है। वन विभाग ने लक्ष्मेश्वर तहसील के ग्रामीण इलाकों में सड़कों के दोनों ओर विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए। लक्ष्मेश्वर से यलावत्ती तक सड़क के दोनों ओर सैकड़ों पौधे लहलहा चुके हैं। पानी की भारी कमी के कारण वे सूख रहे थे। वन विभाग के कर्मचारी गांवों में सड़कों के किनारे उगे पौधों को टैंकर से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।