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होटल पार्टियों से हटकर भक्ति का नववर्ष, सनातन चेतना के साथ हुब्बल्ली में अनूठे अंदाज में मना न्यू ईयर

जहां एक ओर नए साल के स्वागत के लिए होटल पार्टियां, नाइट क्लब और डीजे की धुनें आम हो चली हैं, वहीं हुब्बल्ली में नववर्ष 2026 का स्वागत एक बिल्कुल अलग और प्रेरक रूप में किया गया। सनातन सेवा संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में एयरपोर्ट के सामने स्थित त्रिलोक लॉन्स में आयोजित फ्यूजन भक्ति न्यू ईयर उत्सव- 2026 ने यह संदेश दिया कि नया साल भक्ति, संस्कृति और आत्मिक शांति के साथ भी मनाया जा सकता है।

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सनातन सेवा संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में हुब्बल्ली के त्रिलोक लॉन्स में आयोजित फ्यूजन भक्ति न्यू ईयर उत्सव-2026 का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ करते अतिथि।

सनातन सेवा संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में हुब्बल्ली के त्रिलोक लॉन्स में आयोजित फ्यूजन भक्ति न्यू ईयर उत्सव-2026 का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ करते अतिथि।

आधुनिक उत्सव और सनातन परंपरा का सुंदर संगम
यह नववर्ष उत्सव इस बात का प्रतीक बना कि आधुनिकता के साथ अपनी पवित्र परंपरा और संस्कृति को आत्मसात करते हुए भी उल्लासपूर्वक नया साल मनाया जा सकता है। सनातन संस्कृति को साकार करता यह दिव्य आयोजन हुब्बल्ली के लिए एक प्रेरक मिसाल बनकर संपन्न हुआ। इस आयोजन में आधुनिक उत्सव और सनातन परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला। जहां एक ओर नए साल की उमंग और उल्लास था, वहीं दूसरी ओर भजन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूर्णत: भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।

सनातन धर्म में जन्म लेना ही सौभाग्य
मुख्य वक्ता भागवताचार्य आशीष व्यास ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि सनातन सेवा संगठन निरंतर सनातन धर्म के संरक्षण और प्रचार के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में जन्म लेना ही सौभाग्य है और इस पर गर्व होना चाहिए। आज आवश्यकता है कि हम एक-दूसरे की टांग खींचने के बजाय हाथ थामें और समाज को जोडऩे का कार्य करें। उन्होंने चिंता जताई कि आज सनातन धर्म पर चारों ओर से प्रहार हो रहे हैं, श्लोकों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। ऐसे समय में संगठन को सलाह नहीं, बल्कि सहकार की आवश्यकता है। उन्होंने संस्कृत को देश की संस्कृति की आत्मा बताते हुए उसके संरक्षण पर भी जोर दिया।

पूरा परिसर भक्तिरस में डूबा
कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक अनिल कुमार पी. मिस्किन की सुमधुर भजन प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उनके भजनों से पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया। इसके अलावा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारिवारिक मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया, जिससे हर आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता रही।

कई गणमान्य लोग थे उपस्थित
सनातन सेवा संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष जीतेन्द्र मजेठिया, अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, सचिव अशोक गोयल, उपाध्यक्ष दूदाराम चौधरी, कमल मेहता, मालाराम देवासी, नरसी पटेल, नीतिन ठक्कर, सुनील, राम पारीक, प्रकाश माली, हरि सुथार, अशोक सारस्वत, रमेश बोरा, किरण ललवानी, किशोर पटेल, बाबूलाल सीरवी, बालकृष्ण सराफ, गिरीश उपाध्याय, रमन सिंघानिया, अमित पटेल, चंपालाल सोनी, कांतिलाल राजपुरोहित, इवेंट के चेयरमैन नीकेत सिंघानिया, विवेक लड्ढा, अतुल समेत विभिन्न समाज एवं संगठनों के गणमान्य लोग मौजूद थे।