
मानसिक शांति के लिए प्रकृति का संरक्षण आवश्यक
मुख्य अतिथि के रूप में अब्दुल अली सिद्दीकी (आइएफएस), उप वन संरक्षक, धारवाड़ जोन उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सुहासकुमार शेट्टी (प्राचार्य, केएलई आयुर्वेद महाविद्यालय, बेलगावी), राजेंद्र बिजापुर (पर्यावरण विशेषज्ञ, हुब्बल्ली) तथा डॉ. बी.आर. पाटिल (प्रमुख, केसीटीआरआई, नवनगर) शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जितेंद्र मजेठिया, अध्यक्ष, मजेठिया फाउंडेशन हुब्बल्ली करेंगे। आयोजकों ने बताया कि भारतीय वैदिक परंपरा और आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य का प्रकृति से गहरा संबंध है। स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति के लिए प्रकृति का संरक्षण आवश्यक है। इसी विचार को साकार करते हुए अस्पताल परिसर में पहली बार जन्म नक्षत्र वन और पंचवटी वन विकसित किए जा रहे हैं। यह परियोजना समाज को फिजिकल हीलिंग (शारीरिक उपचार) और होलिस्टिक वेलनेस (समग्र स्वास्थ्य) का संदेश देगी। कार्यक्रम में नागरिकों को अपने जन्म नक्षत्र से संबंधित पौधे को अपने हाथों से जल अर्पित करने और प्रार्थना करने का अवसर मिलेगा।
पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता
आयोजकों का कहना है कि यह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का अभियान भी है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से परिवार सहित कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है। कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक लोगों को पूर्व पंजीकरण कराना होगा। प्रतिभागियों से अपने घर से पानी की बोतल लाने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि वे अपने जन्म नक्षत्र के पौधे को स्वयं जल अर्पित कर सकें।
स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली
आयोजकों के अनुसार यह पहल लोगों को प्रकृति से जोडऩे, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। मजेठिया फाउंंडेशन की अध्यक्ष नंदिनी कश्यप मजेठिया, सचिव अमरेश हिप्परगी, ट्रस्टी डॉ. के. रमेश बाबू, एच.आर. प्रह्लाद राव, डॉ. वी.बी. निटाली, अमृतलाल पटेल, मेडिकल अधिकारी डॉ. नागारजराव सानु, सीईओ डॉ. सुनील कुमार काकनूर तैयारियों में लगे हैं।