हुबली

सर्व ब्राह्मण सेवा संस्थान का गठन: राजस्थान के साथ दक्षिण भारत में रह रहे प्रवासी समाजबंधुओं की भी रही भागीदारी, टाइगर अशोक राजपुरोहित बने संयोजक

राजस्थान के जालोर शहर के होटल विजय पैराडाइज में बुधवार को आयोजित सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक में सामाजिक एकता, सेवा और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सर्व ब्राह्मण सेवा संस्थान के गठन की घोषणा की गई। बैठक की विशेषता यह रही कि इसमें राजस्थान के साथ-साथ दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी समाजबंधुओं ने भी सहभागिता निभाई और समाज को संगठित एवं सेवा आधारित मंच प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की।
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जालोर में आयोजित बैठक में नवगठित सर्व ब्राह्मण सेवा संस्थान (अखिल भारतीय) के संयोजक टाइगर अशोक राजपुरोहित समाजबंधुओं को संबोधित करते हुए। बैठक में राजस्थान के साथ दक्षिण भारत में रह रहे प्रवासी समाजबंधुओं ने भी भाग लिया।
जालोर में आयोजित बैठक में नवगठित सर्व ब्राह्मण सेवा संस्थान (अखिल भारतीय) के संयोजक टाइगर अशोक राजपुरोहित समाजबंधुओं को संबोधित करते हुए। बैठक में राजस्थान के साथ दक्षिण भारत में रह रहे प्रवासी समाजबंधुओं ने भी भाग लिया।

सामाजिक समरसता में सक्रिय भूमिका निभाएगा
भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ बैठक का शुभारंभ हुआ। वक्ताओं ने कहा कि समाज की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए ऐसा संगठन समय की जरूरत है, जो किसी व्यक्ति या पद के बजाय सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दे। बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता, प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

सर्वसम्मति से टाइगर अशोक राजपुरोहित संयोजक मनोनीत
बैठक में सर्वसम्मति से टाइगर अशोक राजपुरोहित को संस्थान का संयोजक मनोनीत किया गया। उनके साथ दशरथसिंह धर्मधारी, रणजीतसिंह पलासिया, चारुल शर्मा (जालोर) तथा जब्बरसिंह बावतरा को सह-संयोजक बनाया गया। वहीं रामलाल (भीनमाल), मनाराम जुजानी, पुखराज अगवरी, भूपेंद्र पिंडवाड़ा, शैतानसिंह (जालोर), नैनसिंह शंखवाली, करणसिंह थावला, कालूसिंह, उदयसिंह सायला तथा किशोरसिंह बावतरा को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई।

संगठन के विस्तार को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी
नवनियुक्त संयोजक टाइगर अशोक राजपुरोहित ने कहा कि संस्थान का शीघ्र विधिवत पंजीकरण कराया जाएगा तथा सेवा प्रकल्पों और संगठन के विस्तार को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। दशरथसिंह धर्मधारी, रणजीतसिंह पलासिया, चारुल शर्मा और जब्बरसिंह बावतरा ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता और सेवा-भावना में निहित है। उन्होंने प्रवासी समाजबंधुओं से भी संगठन के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। अंत में दशरथसिंह धर्मधारी ने सभी उपस्थित समाजबंधुओं तथा दक्षिण भारत सहित विभिन्न राज्यों से जुड़े प्रवासी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन के भावी कार्यों में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

Updated on:
05 Aug 2026 07:32 pm
Published on:
05 Aug 2026 07:32 pm