इंदौर

10 पुलिसवालों के साथ साइबर फ्रॉड ! APK फाइल लोड करते ही फोन हैक

MP News: एपीके फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ने लगे है। अब पुलिसकर्मी भी इसका शिकार बन रहे हैं। हाल ही में तीन थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के पास ई-चालान नाम से आई एपीके फाइल डाउनलोड होते ही फोन हैक होने लगे। कोई बड़ी ठगी होती, इसके पहले पुलिसकर्मियों ने खुद की निजी जानकारी को […]

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Dec 24, 2025
Cyber ​​fraud प्रतिकात्मक फोटो Photo Source- freepik)

MP News: एपीके फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ने लगे है। अब पुलिसकर्मी भी इसका शिकार बन रहे हैं। हाल ही में तीन थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के पास ई-चालान नाम से आई एपीके फाइल डाउनलोड होते ही फोन हैक होने लगे। कोई बड़ी ठगी होती, इसके पहले पुलिसकर्मियों ने खुद की निजी जानकारी को सुरक्षित कर लिया। ये फाइल विवाह कार्ड, ग्रीटिंग्स और चालान के रूप में लोगों के मोबाइल में पहुंच रही है।

एडिशनल डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राजेश दंडोतिया ने बताया, एपीके फ्रॉड आजाद नगर, लसूड़िया व चंदन नगर थाना के 10 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ हुआ। उन्होंने एपीके डाउनलोड की और उनका वाट्सऐप हैक हो गया। बाद में उनके ही नंबर से अन्य लोगों को ई चालान के मैसेज गए। इस फाइल से मोबाइल हैक हो सकते हैं।

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इस तरह लोग हो रहे शिकार…

केस-1: एक सीनियर सिटीजन ने पुलिस को शिकायत कर बताया था कि उन्होंने बैंक से एफडी कराने के लिए गूगल से कस्टमर केयर का नंबर निकाला। बैंक की जगह ठग के नंबर पर कॉल चला गया। ठग ने बैंक अधिकारी बनकर बात की व उनके मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड करवा दी। उनके खाते से 9.30 लाख रुपए उड़ा दिए गए।

केस-2: अक्टूबर में फरियादी संजय ने बताया कि अनजान नंबर से कॉल आया। कहा कि आपके बैंक के क्रेडिट कार्ड पर एक सर्विस एक्टिवेट की है, जिसका शुल्क 1460 रुपए है। इस सर्विस को बंद करने को आपके मोबाइल पर एक एपीके भेजी जा रही है। इस पर क्लिक कर उक्त सर्विस बंद कर सकते हैं। उन्होंने ऐसा ही किया। उनके खाते से 30 हजार उड़ गए।

एक्सपर्ट व्यू: राजेश वंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच

बचना है तो इन बातों का रखें ध्यान

-अनजान एपीके डाउनलोड करते ही आपके फोन का डेटा, गैलरी, कॉन्टेक्ट और लोकेशन तक चोरी हो सकते हैं।

-कई फर्जी एपीके से कैमरा और माइक्रोफोन का गलत इस्तेमाल कर जासूसी की जा सकती है।

-एपीके से बैंकिंग ऐप, यूपीआइ, ओटीपी और पासवर्ड हैक होने का गंभीर खतरा रहता है।

-गलती से एपीके डाउनलोड हो जाए तो फोन को तुरंत एरोप्लेन मोडपर डालें और इंटरनेट बंद कर दें। संदिग्ध एपीके को तुरंत अनइंस्टॉल करें और फोन रिस्टार्ट करें।

-मोबाइल में एंटी-वायरस या सिक्योरिटी स्कैन जरूर चलाएं।

-खतरा ज्यादा लगे तो जरूरी डेटा का बैकअप लेकर फोन फॉर्मेट और फैक्ट्री रीसेट करें।

-सभी बैंकिंग, ईमेल और सोशल मीडिया पासवर्ड बदलें और 1930 या नजदीकी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं

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Published on:
24 Dec 2025 02:05 pm
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