
Indore News :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के एरोड्रम थाना इलाके में शेयर ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 17 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने विदेश से संचालित हो रहे साइबर ठगों के गिरोह को इंदौर से 'म्यूल अकाउंट' (किराए/फर्जी बैंक खाते) उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है।
मामले की जाकारी देते हुए डीसीपी जोन-1 नरेंद्र रावत ने बताया कि, एरोड्रम इलाके में रहने वाले नीलेश दवे को फेसबुक पर एक मैसेज आया था। इसके बाद उन्हें 'मिस्टर ग्लोबल' नामक एक ट्रेडिंग ग्रुप से जोड़ा गया। ठगों ने यूएसडीटी और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर 4 से 5 गुना भारी मुनाफे का लालच दिया गया। उनके झांसे में आकर पीड़ित ने 17 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।
जांच में सामने आया कि, गिरोह के मुख्य सरगना विदेश में बैठकर साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। जबकि इंदौर से उन्हें ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के लिए म्यूल अकाउंट मुहैया कराए जा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में भावेश, आदित्य और साहिल को गिरफ्तार किया है, जबकि इनके एक साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरोह का एक अन्य प्रमुख सदस्य फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि, आरोपी किराए पर खाते देकर कमीशन के लिए में काम कर रहे थे। मामले में पुलिस को 5.30 लाख की राशि खाते में होने की जानकारी मिली है। हालांकि, इस राशि का संबंधित फ्रॉड की राशि से क्या संबंध है, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, जांच में ये तथ्य भी सामने आया है कि, एक - एक आरोपी के नाम पर तीन - तीन बैंक खाते खोले गए थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम को इधर - उधर घुमाने में किया गया था। बिना पुख्ता सत्यापन के खाते खोलने को लेकर पुलिस अब संबंधित बैंक अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर पूछताछ की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान पुलिस गिरोह के पूरे वित्तीय लेन - देन और नेटवर्क की पड़ताल करेगी।