पहलवान ने तय किया कि पत्नी के गहने गिरवी रखकर लोन ले लेंगे, लेकिन चोरों ने उन पर भी हाथ साफ कर दिया।
इंदौर. कहावत है- गरीबी में आटा गीला होना... ये हाल एक पहलवान के हो गएं। उनका चयन कॉमनवेल्थ खेल के लिए तो हो गया पर कनाड़ा जाने के लिए पैसे नहीं हैं। पहलवान ने तय किया कि पत्नी के गहने गिरवी रखकर लोन ले लेंगे, लेकिन चोरों ने उन पर भी हाथ साफ कर दिया।
इंदौर के पॉवर लिफ्ंिटग खिलाड़ी अपूर्व दुबे को चैंपियनशिप से न्योता तो आ गया, लेकिन प्रतियोगिता के लिए कनाड़ा के सेंट जोन्स आने-जाने में लगने वाला ढाई लाख रुपया नहीं है। इसके बावजूद अपूर्व ने हिम्मत नहीं हारी। मदद की गुहार भी लगाई, लेकिन सरकार व किसी खेल संगठन ध्यान नहीं दिया। न्यूज टुडे ने 24 जुलाई को उसकी भावना को खबर के माध्यम से प्रकाशित किया था।
आखिर में तय किया कि पत्नी के गहनों को बैंक में गिरवी रखकर दो लाख रुपए मिल जाएंगे। जमा पूंजी के 50 हजार रुपए रखे थे, जिससे काम हो जाएगा। सारी तैयारी थी, लेकिन चोरों ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। देश के लिए गोल्ड लाने का सपना टूटता देख अपूर्व को रातभर नींद नहीं आई।
आप यहां कर सकते हैं मदद
इंदौर के बाशिंदों में सहयोग की भावना रहती है। ऐसे कुछ सहयोगी मदद कर दें तो अपूर्व देश के लिए खेल सकता है। आप मदद करना चाहते हैं तो 9111110745 पर फोन लगा सकते हैं। यह विडंबना ही है कि जिस शहर में प्रदेश के खेल मंत्री रहते हैं, वहां एक खिलाड़ी को परेशान होना पड़ रहा है।