इंदौर

4 लाख 47 हजार फर्जी मतदाता…. एमपी में यहां वोटर लिस्ट से हटाए गए नाम

Voters Deleted: एमपी में यहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने चौंकाने वाले आंकड़े सामने ला दिए। लाखों रिकॉर्ड में गड़बड़ियां मिलीं, हजारों नाम हटाए गए।

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Feb 17, 2026
447000 fake voters deleted through SIR Process in Indore (फोटो- Patrika.com)

MP News: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के दौरान इंदौर जिले में 4 लाख 47 हजार 648 ऐसे मतदाता सामने आए, जिनका रिकॉर्ड पूर्व सूची से मेल नहीं खा रहा था या जिनकी प्रविष्टियों में गंभीर विसंगतियां थीं। व्यापक सत्यापन और सुनवाई के बाद इन नामों को सूची से हटाया गया, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।

जिले में कुल 28 लाख 67 हजार 268 मतदाताओं का परीक्षण किया गया। प्रशासन के अनुसार एसआइआर का मुख्य उद्देश्य वर्षों से लंबित नो-मैपिंग, तार्किक त्रुटियों और दोहराव जैसी समस्याओं को दूर करना था। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए, जिनका 2003 की आधार सूची से मिलान नहीं हो पा रहा था या व्यक्तिगत जानकारी त्रुटियां थीं।

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6.78 लाख को नोटिस, 5 हजार से ज्यादा अपात्र

नो-मैपिंग और तार्किक त्रुटियों से जुड़े 6 लाख 78 हजार 748 मतदाताओं को नोटिस देकर व्यक्तिगत सुनवाई की गई। इनमें से 6 लाख 73 हजार 640 मामलों में जानकारी सही मिली और उन्हें पोर्टल पर यथावत अपलोड कर दिया गया। 5108 मतदाता अपात्र मिले, जिनके नाम हटाने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त 551 ऐसे मतदाताओं के नाम भी विलोपित किए जो अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके थे।

अब जिले में 24.19 लाख मतदाता

समीक्षा और विलोपन के बाद इंदौर जिले में मतदाताओं की संख्या लगभग 24 लाख 19 हजार 620 रह गई है। प्रशासन अब अंतिम प्रकाशन (फाइनल पब्लिकेशन) की तैयारी में है। अभियान के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले 60 हजार से ज्यादा नए मतदाता सामने आए हैं। आयोग की निर्धारित तिथि के अनुसार इन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। यदि कोई पात्र नागरिक तकनीकी कारणों से सूची में शामिल नहीं हो पाया है तो वह भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम दर्ज करा सकेगा।

प्रारंभिक चरण में 28.67 लाख गणना पत्र

4 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 के बीच जिले में 28.67 लाख मतदाताओं के गणना पत्र भरवाए थे। इनमें से 24 लाख 20 हजार 171 मतदाताओं ने फॉर्म जमा किए, जिन्हें प्रारंभिक सूची में शामिल किया गया। इनमें 1 लाख 33 हजार 706 मामले नो-मैपिंग श्रेणी के थे, जिनकी 2003 की सूची से मिलान नहीं हो पाया था। 5 लाख 79 हजार 265 मतदाताओं के नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में तार्किक त्रुटियां मिलीं। प्रारंभिक सूची में शामिल मतदाताओं में से 33 हजार 701 रिकॉर्ड में बीएलओ स्तर पर सुधार किए गए, जबकि 17 लाख 7 हजार 171 नाम पहले से अपलोड थे।

विधानसभाओं में सबसे ज्यादा विलोपन

विधानसभावार समीक्षा में इंदौर 5 क्षेत्र में सर्वाधिक 979 नाम अपात्र घोषित किए गए। इसके बाद इंदौर-1 में 900 और सांवेर में 946 नाम हटाए गए। अन्य क्षेत्रों में देपालपुर में 168, इंदौर-2 में 192, इंदौर-3 में 630, इंदौर-4 में 580, महू में 148 और राऊ में 565 मतदाताओं के नाम सूची से विलोपित किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि जिन मामलों में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए या जानकारी गलत मिली, उन्हीं नामों को हटाया है। (MP News)

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Updated on:
17 Feb 2026 04:52 am
Published on:
17 Feb 2026 04:50 am
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