MP News: देवास से पीथमपुर के नजदीक नांदेड़ के बीच 74 गांवों की 640 हेक्टेयर जमीन पर 77 किमी की सिक्स लेन सड़क बनेगी। शहर के बाहरी हिस्से में प्रस्तावित ईस्टर्न बायपास के लिए किसानों की जमीन लेने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
MP News:इंदौर शहर के बाहरी हिस्से में प्रस्तावित ईस्टर्न बायपास के लिए किसानों की जमीन लेने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। यह बायपास नांदेड़ से शुरू होकर देवास जिले में शिप्रा के पास पीर कराडि़या तक बनाया जाना है। इस परियोजना को लेकर जारी नोटिफिकेशन पर भारतीय किसान यूनियन (सूर्यवंशी) ने जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने सोमवार को केंद्र सरकार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और एसडीओ खुडैल को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए प्रभावितों के कब्जे की स्थिति यथावत रखने को कहा है। हालांकि यह स्टे प्रतिवादियों की सुनवाई के अधीन रखा है।
अभिभाषक पूर्वा महाजन ने बताया कि देवास से पीथमपुर के नजदीक नांदेड़ के बीच 74 गांवों की 640 हेक्टेयर जमीन पर 77 किमी की सिक्स लेन सड़क(six lane road will be built) बनेगी। 2100 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए एनएचएआइ ने अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना में 10 से ज्यादा गांवों में केवल जमीन के खसरा नंबर दिखाए गए हैं। उस खसरा नंबर के किस भाग की जमीन जाएगी, उसका उल्लेख नहीं है।
सोमवार को वरिष्ठ अभिभाषक अजय बागडि़या ने कोर्ट को बताया कि एनएचएआइ एक्ट में स्पष्ट है कि अधिग्रहित की जाने वाली जमीन की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। यह भी साफ होना चाहिए कि जमीन का कौन सा हिस्सा आ रहा है, लेकिन यहां केवल खसरा नंबर जारी कर दिया गया। ऐसे में किस जमीन का कौन सा हिस्सा जा रहा है, यह साफ नहीं है।
किसी खसरे में यदि 1000 वर्गफीट जमीन में से 100 वर्गफीट जमीन जा रही है तो वह कहां की है, यह स्पष्ट नहीं है। सुनवाई के दौरान एक बार फिर एनएचएआइ की ओर से वकील पेश नहीं हुए, इसलिए कोर्ट ने एनएचएआइ को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए कहा है।