
इंदौर. नगर निगम अधिकारी से मारपीट के आरोप में जेल पहुंचे विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत के लिए सेशन कोर्ट में आज अपील की जाएगी। पूर्व उप महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने आकाश की पैरवी की थी, लेकिन उन्हें जेल जाने से नहीं बचा पाए।
गौरतलब है कि कल जिला कोर्ट नंबर 39 में जज डॉ. गौरव गर्ग के यहां करीब ढाई घंटे तक इस मामले में बहस हुई। तीन बार दोनों पक्षों के वकील आमने-सामने हुए। एक समय ऐसा आया जब जज ने पुलिस से फरियादी की एमएलसी रिपोर्ट मांग ली। इसके बाद सीएसपी बीपीएस परिहार ने एमएलसी रिपोर्ट बुलवाई, तब केस की सुनवाई फिर शुरू हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कल थाना प्रभारी राजेंद्र चतुर्वेदी ने भी पक्ष रखा और जमानत नहीं दी जाने की बात कही। कहना था कि आरोपित प्रभावशाली व्यक्ति हैं, उनके बाहर रहने से केस को गति नहीं मिल सकेगी। वहीं निगम के वकीलों ने भी जमानत का विरोध करते हुए अलग-अलग तर्क रखे। इसके बाद जज ने जमानत निरस्त कर दी। आकाश के वकील पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि आज हम जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अपील करेंगे।
बायस परिवार में डर सुरक्षा की मांग
आकाश ने कल जिस अधिकारी को पीटा था, वे रात को अपने घर तो चले गए, लेकिन रातभर उनका परिवार खौफजदा रहा। डर के साए में रात गुजरी। धीरेंद्र बायस से हमने जब बात की तो उनका कहना था कि मैं तो पूरे दिन फील्ड में रहता हूं। मुझे कैसा डर कानून पर विश्वास है। हालांकि परिवार इस घटना को लेकर डरा हुआ है, बच्चों में भी डर है। खासकर घर की महिलाएं। लेकिन मैं पहले की तरह काम करता रहुंगा।
खासबात है कि हाईप्रोफाईल मामला और आरोपित विधायक हैं, इसलिए केस चर्चाओं में रहेगा। उधर बायस के परिवार के लोग पुलिस सुरक्षा की मांग भी कर रहे हैं, कारण है कि उन्हें डर है कि घर पर हमला न हो जाए। उधर घटना की जानकारी जब उनके रिश्तेदारों तक पहुंची तो आज सुबह से दूरदराज से भी बायस से मिलने लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे। क्षेत्र के रहवासी भी पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाया।
आगे क्या...
आज भी अगर जमानत नहीं होती है, तो कुछ दिन रुककर फिर सेशन कोर्ट में अपील होगी और तब भी जमानत निरस्त हो जाती है, तो हाईकोर्ट जाना पड़ेगा। तब तक आकाश को जेल में ही रहना होगा।