
Asaram : तथाकथित बाबा आसाराम दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। हाल ही में वह तब चर्चा में आ गया जब उसे पैरोल पर छोड़ा गया। जेल से रिहा होने के बाद आसाराम जोधपुर आश्रम चला गया था। दुष्कर्म के केस में करीब 13 साल पहले उसे इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। आसाराम ने खुद को बचाने के लिए खूब तिकड़में लगाईं पर राजस्थान से आई पुलिस आखिरकार उसे पकड़कर जोधपुर ले गई और बाद में मामले में सजा भी दिलवाई। कोर्ट में केस चला तो आसाराम ने खुद को नपुंसक बता दिया था। पुलिस पर कई प्रकार के प्रेशर भी डलवाए। राजस्थान के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी आईपीएस अजयपाल लांबा ने अपनी किताब में इसका जिक्र किया है।
आसाराम प्रवचन और सत्संग के कार्यक्रम आयोजित करता था। इसकी आड़ में अनैतिक काम भी करता रहा। एक नाबालिग ने साहस कर उसकी हकीकत बताई और पुलिस को बाकायदा लिखित शिकायत की। रेप के इस मामले में आसाराम को अदालत ने बाद में दोषी करार दिया। वह तभी से जेल में है।
राजस्थान कैडर के आईपीएस अजयपाल लांबा ने आसाराम मामले पर गनिंग फॉर द गॉडमैन : द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापूज कॉन्विक्शन ( Gunning for the Godman: The True Story Behind Asaram Bapu’s Conviction ) नामक किताब लिखी है। इसमें उन्होंने कई खुलासे किए हैं। आईपीएस अजयपाल लांबा तब जोधपुर के डीसीपी थे। वे आसाराम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम की कमान संभाल रहे थे। दुष्कर्म की शिकायत दर्ज होने से लेकर मामले में कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने तक आरोपी ने खूब नाटक किए। आईपीएस अजयपाल लांबा ने अपनी पुस्तक में ऐसी अनेक घटनाओं का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि आसाराम से जब सख्ती से पूछताछ की तभी उसने अपनी गलती स्वीकार की थी। पर बाद में कोर्ट में वह मुकरने लगा था।
गनिंग फॉर द गॉडमैन : द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापूज कॉन्विक्शन ( Gunning for the Godman: The True Story Behind Asaram Bapu’s Conviction ) में आईपीएस अजयपाल लांबा ने लिखा है कि गिरफ्तारी के दिन से आसाराम धमकी देने लगा था। बाद में कोर्ट में भी उसने बचने की कई चालें चलीं। यहां तक कि आसाराम ने खुद को नपुंसक बता दिया। ऐसे में वह रेप केस से बच सकता था।पुलिस ने तब आसाराम के पोटेंसी टेस्ट की बात उठाई। आरोपी कई बार ऊपर से प्रेशर डलवाने की धमकी देते रहा। टेस्ट रिपोर्ट में आसाराम की पोल खुल गई। पीड़िता को न्याय दिलाने में पोटेंसी टेस्ट मजबूत आधार बना।