
Indore news: एक पिता के जीवन में इससे बड़ा दुख शायद ही कोई हो कि जवान बेटे को खो दे और बेटी का भी कोई पता न चले। ऐसे ही असहनीय दर्द से जूझ रहे एमपी में इंदौर शहर के 50 वर्षीय ऑटो चालक रघुनाथ आखिर जिंदगी की लड़ाई हार गए। उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले लिखा उनका सुसाइड नोट हर किसी को भावुक कर देने वाला है। इसमें उन्होंने अपनी पत्नी से माफी मांगते हुए लिखा कि अब उनके पास जीने की कोई वजह नहीं बची है।
पुलिस के मुताबिक रघुनाथ (50) पिता सूरजमल, निवासी नट कॉलोनी (अम्बार नगर), ऑटो चालक थे और इंदौर एयरपोर्ट पर हेल्पर के रूप में भी काम करते थे। घटना वाले दिन वह रोज की तरह घर से ऑटो लेकर निकले, लेकिन छोटा बांगड़दा स्थित एक स्कूल के पास पहुंचकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने के बाद रघुनाथ ने सुसाइड नोट लिखा उसकी तस्वीर मोबाइल से खींचकर परिजनों को भेज दी और मूल नोट ऑटो की डिक्की में रख दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में रघुनाथ ने किसी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने लिखा, 'इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। दुख सिर्फ इतना है कि इतने बड़े संसार में अपनी प्रिय पत्नी को अकेला छोड़कर जा रहा हूं। इसके अलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा है, क्योंकि जिनके लिए जीना था, वे सभी मुझे छोड़कर चले गए।'
रघुनाथ लंबे समय से तनाव में थे। करीब डेढ़ साल पहले 22 वर्षीय बेटे की हादसे में मौत हो गई थी। सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि बेटी भी लापता हो गई। उसकी गुमशुदगी भंवरकुआं थाने में दर्ज है। बेटे की असमय मौत और बेटी के बिछड़ने का दर्द उन्हें तोड़ता रहा। अंततः यही पीड़ा उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गई। अब परिवार में उनकी पत्नी अकेली रह गई हैं और पीछे छोड़ गई है एक ऐसा सुसाइड नोट, जो एक पिता के असहनीय दर्द की मूक गवाही बन गया।
एक अन्य मामले में इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में नाले में गिरने से व्यक्ति की मौत हो गई। टीआइ सहर्ष यादव ने बताया, जीवन सिंह (42) निवासी झलारिया की मौत हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शुक्रवार को जीवन नाले में गिरा था। गांव के लोगों का कहना है कि वह हर समय शराब के नशे में रहता था। अकसर नाले के पास जाकर बैठता था। संभवतः संतुलन बिगड़ने से वह उसमें गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई। मर्ग कायम किया है।